Important Questions Class 9th- मेरे संग की औरतें ~ Mere Sang Ki Auraten Extra Questions

CBSE Class 9 Kshitiz Hindi Chapter Mere Sang Ki Auraten Extra Questions Important Questions/Extra Questions | CBSE Class 9 मेरे संग की औरतें Important Questions :- स्वागत है आपका 99KH.net पर आज हम आपको CBSE Class 9 Kshitiz Hindi Chapter Mere Sang Ki Auraten Extra Questions Important Questions बताने वाले है। ये क्वेश्चन आपकी आने वाले पेपर्स में काफी मदद कर सकते है, इसलिए इन सभी क्वेश्चन को ध्यान से पढ़े।

Mere Sang Ki Auraten

Important Questions Class 9th Mere Sang Ki Auraten ~ Short Questions

प्रश्न :- लेखिका की परदादी ने ऐसी कौन-सी बात कह दी, जिसे सुन सभी हैरान रह गए?
उत्तर-
 लेखिका की परदादी को पौत्र की नहीं पौत्री की चाहत थी। उन्होंने भगवान से पतोहू की पहली संतान लड़की माँगी। उस समय यह दुआ सभी को चौकाने वाली लगी। समाज सदा से लड़के की कामना करता रहा है, पर परदादी ने वह दुआ माँगी जिसे समाज बोझ समझता रहा था। उनकी मन्नत को जानकर सभी हैराम रह गए क्योंकि उन्होंने यह बात सभी को बता दी थी।

प्रश्न :- लेखिका और उसकी बहनों में कौन-सी बात एक-सी रही?

उत्तर- लेखिका और उसकी बहनों में एक बात एक-सी रही थी। सभी बहनों ने अपना घर-बार चाहे परंपरागत ढंग से न चलाया हो परंतु उन्होंने अपने घरों को तोड़ा भी नहीं है। वे मानती हैं कि विवाह एक बार किया जाता है और उसे उन्होंने पूरी तरह से निभाया है। उन सबकी यह मान्यता रही है कि ‘मर्द बदलने से कोई प्रयोजन सिद्ध नहीं होता। घर के भीतर रहते हुए भी, अपनी मर्जी से जी लो, तो काफ़ी है।’

प्रश्न :- लेखिका की नानी अपने अन्तिम समय में मुँहजोर क्यों हो गई थीं?
उत्तर- लेखिका की नानी अपनी बेटी का विवाह एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी से करवाना चाहती थीं। उन्हें लगा कि उनकी मृत्यु के बाद उनकी बेटी का विवाह किसी सरकारी नौकर से कर दिया जाएगा। अतः अपने अन्तिम समय में समय की कमी तथा बेटी के विवाह की चिंता के कारण वे मुँहजोर हो गईं थी।

प्रश्न :- लेखिका के नाना, नानी से किस प्रकार भिन्न थे?

उत्तर- लेखिका की नानी परंपरावादी, अनपढ़ और परदानशीं औरत थी परंतु उसके नाना ने विलायत से बैरिस्ट्री पढ़ी थी। उन्होंने कैंब्रिज विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्त की थी। विलायत से वापस आने पर वे विलायती रीति-रिवाज़ के साथ जिंदगी गुजारने लगे थे। वे अंग्रेजों के प्रशंसक थे। वे अपनी पैदाइश के कारण हिंदुस्तानी थे नहीं तो चेहरे- मोहरे, रंग-ढंग, पढ़ाई-लिखाई सब में अंग्रेज़ लगते थे।

प्रश्न :- अचला कौन थी तथा उसने क्र्या क्या किया?
उत्तर- 
अचला लेखिका की सबसे छोटी बहन थी। उसने पिता का कहना मानकर अर्थशास्त्र में एम ए किया फिर पत्रकारिता का कोर्स किया। विवाह के बाद गृहस्थी में मन नहीं लगने के कारण लेखिका बन गई।

प्रश्न :- लेखिका की माँ की चारित्रिक विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर- 
लेखिका की माँ परम्परावादी नहीं थीं। वह निष्पक्ष, ईमानदार तथा सत्यवादी होने के साथ-साथ एक अच्छी परामर्शदाता भी थीं। यही कारण था कि उन्हें घर वाले सम्मान देते एवं बाहरवाले दोस्त बन जाते थे।

प्रश्न :- लेखिका की माँ आम भारतीय महिलाओं से कैसे भिन्न थी?

उत्तर- लेखिका की माँ आम भारतीय महिलाओं की तरह नहीं थी। उन्हें घरेलू काम करने की आदत नहीं थी। उन्होंने कभी भी लेखिका और उसके अन्य भाई-बहनों से लाड़-दुलार नहीं किया। उन्होंने कभी अपने बच्चों के लिए खाना नहीं बनाया और न ही अपनी बेटियों को अच्छी पत्नी, माँ और बहू बनने की सीख दी। उन्हें घर बार संभालने की आदत नहीं थी। उनका ज़्यादा समय किताबें पढ़ने, संगीत सुनने और साहित्यिक चर्चा में व्यतीत होता था। उन्होंने कभी भी किसी के काम में हस्ताक्षेप नहीं किया था। इस प्रकार वे आम महिलाओं से बिल्कुल अलग थी।

प्रश्न :- लेखिका की परदादी का तार भगवान् से कैसे जुड़ा हुआ था?

उत्तर- लेखिका की परदादी बहुत ही धार्मिक विचारों की महिला थी तथा उसका जीवन अत्यंत सीधा-सादा था। नकुड़ गाँव के लोगों की मान्यता थी कि उनका भगवान् के साथ सीधा तार जुड़ा है। बेतार का तार। इधर वे तार खींचती और उधर उनकी मुराद पूरी हो जाती थी। उन्होंने जब पतोहू की पहली संतान लड़की मांगी तो भगवान् ने उनकी इच्छा पूरी करते हुए पतोहू को पहली लड़की तो दी ही साथ ही चार और लड़कियां भी दे दी थीं। परदादी की हर इच्छा को भगवान् पूरी कर देते थे इसलिए उनके तार भगवान् से जुड़े हुए माने जाते थे।

प्रश्न :- लेखिका की बहन चित्रा की विशेषताएँ बताइए।
उत्तर-
 चित्रा स्वयं नहीं पढ़ती थी पर दूसरों को पढ़ाने में रूचि लेती थी, इसी से परीक्षा में उसके कम अंक आते थे। वह खुले विचारों की लड़की थी। उसने अपने लिए स्वयं लड़का पसंद किया और उसी से विवाह किया।

प्रश्न :- लेखिका की माँ कोई भी काम नहीं करती थी, फिर भी सब की उनके प्रति इतनी श्रद्धा क्यों थी?

उत्तर- लेखिका के अनुसार उसकी माँ ने कभी भी आम महिलाओं की तरह घर में कोई भी कार्य नहीं किया था। वह पत्नी, माँ और बहू के किसी भी प्रचारित कर्तव्य का पालन नहीं करती थी। फिर भी परिवार के अन्य सदस्य उन्हें पूरी इज्जत देते थे। इसके दो कारण हो सकते हैं वे साहबी खानदान से थीं तथा वे कभी भी झूठ नहीं बोलती थीं वे दूसरों की गोपनीय बातों को किसी पर भी जाहिर नहीं करती थी।

प्रश्न :- चोर से कहाँ गलती हुई कि सारा अनुमान लगाकर घुसने पर भी वह पकड़ा गया? मेरे संग की औरतें पाठ के आधार पर लिखिए।

किसी शादी के सिलसिले में घर के पुरुष दूसरे गाँव में गए थे और औरतें रतजगा कर रही थीं। नाच-गाना जारी था और ढोलक पर थाप पूँज रहे थे। इसी बीच चोर ने उस कमरे का अनुमान लगाया होगा और दीवार काटकर कमरे में घुस आया। इधर शादी में नाच-गाने के शोर से बचने के लिए माँ जी अपना कमरा छोड़ कर दूसरे कमरे में सो गई थी। इसी कमरे को खाली समझकर चोर घुस आया था। उसके कदमों की आहट होते ही दादी की नींद खुल गई। इस तरह तमाम अनुमान लगाकर घुसने के बाद भी चोर पकड़ा गया।

प्रश्न :- लेखिका की दादी ने चोर का जीवन किस प्रकार बदल दिया?
उत्तर-
 एक बार हवेली के सारे पुरूष किसी बारात में चले गए और औरतें रतजगा कर रही थीं। घर की पुरखिन दादी माँ एक कमरे में सोई थीं। मौके का फायदा उठाकर एक चोर घर में घुस गया। दादी की आँख खुली उन्होंने पूछा ‘कौन’? चोर ने जवाब दिया ‘जी मैं।’ दादी ने कुएँ से पानी लाने का आदेश दिया। चोर घबराया हुआ पानी लाने चला गया। पानी लेकर लौटते समय उसे पहरेदार ने पकड़ लिया। दादी ने लोटे का आधा पानी स्वयं पीया और आधा चोर को पिलाकर कहा- “आज से हम दोनो माँ बेटे हुए, चाहे तो तू चोरी कर, चाहे खेती।” चोर ने चोरी का धन्धा छोड़ खेती अपना ली। इस प्रकार उसका जीवन बदल गया।

प्रश्न :- लेखिका की नानी ने किससे क्या वचन लिया और क्यों?

उत्तर – लेखिका की नानी ने अपने पति के मित्र स्वतंत्रता सेनानी प्यारे लाल शर्मा से यह वचन लिया कि वे उनकी इकलौती बेटी का विवाह किसी उन जैसे स्वतंत्रता सेनानी से करवा देंगे क्योंकि उनके पति तो साहब और वह नहीं चाहती कि उसकी बेटी का विवाह किसी साहबों के आज्ञाकारी व्यक्ति से हो।

प्रश्न :- लेखिका ने डालमिया नगर में नारी-चेतना जगाने का प्रयास किस प्रकार किया?
उत्तर-
 लेखिका शादी के बाद बिहार के पिछड़े कस्बे डालमीया नगर में रहने गईं। यहाँ का समाज इतना पुरातन पंथी था कि मर्द औरते चाहे पति-पत्नी क्यों न हों, एक साथ बैठ कर सिनेमा नहीं देख सकते थे। अभिनय की शौकीन लेखिका ने साल भर के प्रयास से वहाँ के स्त्री-पुरूषों को एक साथ नाटक में काम करने के लिए तैयार कर लिया। वे महिलाएँ जो अपने पति के साथ फिल्म तक नहीं देखने जाती थीं, अब पराए मर्द के साथ नाटक में काम करने के लिए राजी हो गईं। लेखिका के साथ मिलकर अनेक नाटकों का मंचन किया और बाढ़ पीड़ितों के लिए धन एकत्र किया।  इस प्रकार लेखिका ने डालमिया नगर में नार्री चेतना जगाने का भरपूर प्रयास किया।

प्रश्न :- पांचों बहनों में क्या बात सामान्य थी?

उत्तर- पांचों बहनों में एक बात सामान्य थी। उन्होंने शादी के बाद अपने घर बार को परंपरागत तरीके से नहीं चलाया परंतु अपने परिवार को तोड़ा भी नहीं था। एक बार शादी कर ली और उसे निभाया। उनके वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव रहे। बात तलाक तक भी पहुँची परंतु शादी को टूटने नहीं दिया। सभी ने अपने-आप व्यस्त रखने के लिए लिखना आरंभ कर दिया था। उनका विश्वास था कि मर्द बदलने से कोई प्रयोजन सिद्ध नहीं होता। घर के अंदर भी अपने ढंग से जीवन व्यतीत कर लो, वह बहुत है।

प्रश्न :- जिस लड़के से लेखिका की माँ का विवाह हुआ वह कौन था?

उत्तर- लेखिका की माँ का विवाह जिस लड़के से हुआ था वह बहुत पढ़ा-लिखा तथा होनहार था। आर्थिक दृष्टि से उसके पास कोई पुश्तैनी जायदाद अथवा जमा-पूँजी नहीं थी। वह गांधीवादी था और खादी पहनता था। आज़ादी के आंदोलनों में भाग लेने के कारण उसे आई० सी० एस० की परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया था।

Important Questions Class 9th ~ Other Chapters

No.Chapter Name
1.दो बैलों की कथा
2.ल्हासा की ओर
3.साँवले सपनों की याद
4.नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया
5.प्रेमचंद के फटे जूते
6.मेरे बचपन के दिन
7.साखियाँ एवं सबद
8.वाख
9.सवैये
10. कैदी और कोकिला

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