Important Questions Class 9th- साखियाँ एवं सबद ~ Sakhiya Avam Shabad

CBSE Class 9 Kshitiz Hindi Chapter Sakhiya Avam Shabad Important Questions/Extra Questions | CBSE Class 9 साखियाँ एवं सबद Important Questions :- स्वागत है आपका 99KH.net पर आज हम आपको CBSE Class 9 Kshitiz Hindi Chapter Sakhiya Avam Shabad Important Questions बताने वाले है। ये क्वेश्चन आपकी आने वाले पेपर्स में काफी मदद कर सकते है, इसलिए इन सभी क्वेश्चन को ध्यान से पढ़े।

Sakhiya Avam Shabad

Important Questions Class 9th Mere Bachpan Ke Din – Short Questions

प्रश्न :- कबीर ने संसार को स्वान-रूप क्यों कहा है?

उत्तर- जैसे हाथी को चलते देखकर कुत्ता अवष्य भौंकता है, वैसे ही किसी को ऊँची साधना में लगे देखकर लोग उसकी निंदा करते हैं। इसलिए संसार को स्वान रूप कहा गया है।

प्रश्न :- कबीर के अनुसार हंस किसका प्रतीकार्थ है? वह अन्यत्र क्यों नहीं जाना चाहता है?

उत्तर-  हंस जीवात्मा का प्रतीक है | वह स्वच्छ विचाररूपी जल में मन रुपी सरोवर में आनंद रुपी मोती चुगता हुआ विचरण कर रहा है | इस आनंदायक स्थान को छोड़कर वह अन्ताय्र जाना नहीं चाहता |

प्रश्न :- कबीर के अनुसार सच्चा संत कौन है?

उत्तर- सच्चा संत वही है जो सभी बैर-विरोधों से हटकर ईश्वर का भजन करता है।

प्रश्न :-‘मानसरोवर’ से कबीर का क्या आशय है?

उत्तर-  मानसरोवर से कवि का आशय मन रूपी सरोवर से है। इसमें स्वच्छ विचार रूपी जल भरा हुआ है। इस स्वच्छ जल में जीवात्मा रूपी हंस प्रभु भक्ति में लीन होकर स्वच्छंद होकर मुक्तिरूपी मुक्ताफल चुग रहे हैं। ऐसे आनंददायक स्थान को छोड़कर वे अन्यत्र जाना नही चाहते।

प्रश्न :- कबीर ने ईश्वर प्राप्ति का क्या उपाय बताया है?

उत्तर- अपने अंर्तमन में खोजने की प्रेरणा दी है।

प्रश्न :- ज्ञान की आँधी आने पर व्यक्ति के व्यवहार में क्या-क्या परिवर्तन दिखाई देते हैं?

उत्तर- सारे पाप नष्ट हो जाते हैं, मन का भ्रम दूर हो जाता है। माया, मोह, स्वार्थ, धन, तृष्णा आदि विकार समाप्त हो जाते हैं। और मन में भक्ति और प्रेम की वर्षा होती है जिससे जीवन में आनंद छा जाता है।

प्रश्न :- कबीर ने ईश्वर-प्राप्ति के लिए किन प्रचलित विश्वासों का खंडन किया है?

उत्तर-  कबीर ने ईश्वर की प्राप्ति के लिए निम्नलिखित प्रचलित विश्वासों का खंडन किया है-

  • मनुष्य मंदिर, मस्जिद में जाकर ईश्वर को प्राप्त करना चाहता है किंतु इससे ईश्वर की प्राप्ति नहीं होती।
  • ईश्वर को पाने के लिए वह विभिन्न धार्मिक स्थानों की यात्रा करता है, पर ऐसा करने पर भी ईश्वर नहीं मिलते |
  • वह योग, वैराग्य के माध्यम से ईश्वर पाना चाहता है, पर यह व्यर्थ है।
  • ईश्वर प्राप्ति के लिए वह आडंबरपूर्ण भक्ति करता है, परंतु इससे ईश्वर की प्राप्ति नहीं होती है।

प्रश्न :- सुबरन कलश किसका प्रतीक है? मनुष्य को इससे क्या शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए? साखियाँ एवं सबद के आधार पर लिखिए।

उत्तर-  ‘सुबरन कलश’ प्रतिष्ठित कुल का प्रतीक है | इसमें जन्म लेकर मनुष्य स्वयं को महान समझने लगता है | व्यक्ति की महानता उसके कर्मों पर निर्भर करती है न कि कर्मों पर | इससे मनुष्य को सद्कर्म करने की शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए |

प्रश्न :- आंधी पीछै जो जल बूठा, प्रेम हरि जन भीताँ। आशय स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- ज्ञान रूपी आंधी के पश्चात् भक्ति रूपी जल की वर्षा हुई जिसके प्रेम में हरि के सब भक्त भीग गए।

प्रश्न :- कबीर की साखी में ‘विष’ और ‘अमृत’ किसके प्रतीक हैं?

उत्तर- कबीर की साखी में विष मनुष्य के अंतर्मन में स्थित मोह-माया, लोभ-लालच आदि बुराइयों का प्रतीक है और अमृत ईश्वर भक्ति और उससे मिलने वाले आनंद का प्रतीक है |

Important Questions Class 9th ~ Other Chapters

No.Chapter Name
1.दो बैलों की कथा
2.ल्हासा की ओर
3.साँवले सपनों की याद
4.नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया
5.प्रेमचंद के फटे जूते
6. मेरे बचपन के दिन

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