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NCERT Solutions for Class 9th – स्मृति ~ Smriti NCERT Solutions

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CBSE Class 9 Sanchayan Hindi Chapter 2 Smriti NCERT Solutions PDF Download | CBSE Class 9 स्मृति के प्रश्न उत्तर/NCERT Solutions :- स्वागत है आपका 99KH.net पर आज हम आपको CBSE Class 9 Sanchayan Hindi Chapter 2 Smriti NCERT Solutions बताने वाले है। ये क्वेश्चन आपकी आने वाले पेपर्स में काफी मदद कर सकते है, इसलिए इन सभी क्वेश्चन को ध्यान से पढ़े। अगर आपको कोई समस्या आती है तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर पूछे।

Smriti NCERT Solutions

Smriti NCERT Solutions Class 9th ~ Question & Answer

1. भाई के बुलाने पर घर लौटते समय लेखक के मन में किस बात का डर था?

उत्तर: भाई के बुलाने पर घर लौटते समय लेखक डर गया था। उसे लगा कि उसके बड़े भाई झरबेरी से बेर तोड़-तोड़कर खाने के लिए डाँटेंगे और उसे खूब पीटेंगे।

2.मक्खनपुर पढ़ने जाने वाली बच्चों की टोली रास्ते में पड़ने वाले कुएँ में ढेला क्यों फेंकती थी?

उत्तर: मक्खनपुर पढ़ने जाने वाले बच्चों की टोली पूरी वानर टोली थी। गाँव माखनपुर जाने वाली राह में 36 फीट के करीब एक कच्चा कुआँ था। उन बच्चों को पता था कि कुएँ में साँप रहता है। लेखक ढेला फेंककर साँप से फुफकार करवा लेना बड़ा काम समझता था। बच्चों में ढेला फेंककर फुसकार सुनने की प्रवृत्ति जाग्रत हो गई थी। कुएँ में ढेला फेंककर उसकी आवाज तथा उससे सुनने के बाद अपनी बोली सुनने की प्रतिध्वनि सुनने की लालसा उनके मन में रहती थी।

3. ‘साँप ने फुफकार मारी या नहीं, ढेला उसे लगा या नहीं, यह बात अब तक स्मरण नहीं’-यह कथन लेखक की किस मनोदशा को स्पष्ट करता है?

उत्तर: लेखक के साथ यह घटना 1908 में घटी। उसने यह बात अपनी माँ को 1915 में सात साल बाद बताई और लिखा शायद और भी बाद में होगा, इसलिए लेखक ने कहा कि उसे याद नहीं है कि ढेला फेंकने पर साँप को लगा या नहीं, उसने फुसकार मारी या नहीं क्योंकि इस समय लेखक बुरी तरह डर गया था। चिट्ठियाँ कुएँ में गिर गई थी, जिन्हें उनके भाई ने डाकखाने में डालने के लिए दी थी। इससे उसकी घबराहट झलकती है।

4. किन कारणों से लेखक ने चिट्ठियों को कुएँ से निकालने का निर्णय लिया?

उत्तर: लेखक को चिठियाँ बडे भाई ने दी थीं। यदि वे डाकखाने में नहीं डाली जातीं तो घर पर मार पडती। सच बोलकर पिटने का भय और झूठ बोलकर चिट्ठियों के न पहुँचने की जिम्मेदारी के बोझ से दबा वह बैठा सिसक रहा था। वह झूठ भी नहीं बोल सकता था। चिट्ठियाँ कुएँ में गिरी पड़ी थीं। उसका मन कहीं भाग जाने को करता था, फिर पिटने का भय और जिम्मेदारी की दुधारी तलवार कलेजे पर फिर रही थी। उसे चिट्ठियाँ बाहर निकालकर लानी थीं। अंत में उसने कुएँ से चिट्ठियाँ निकालने का निर्णय कर ही लिया।

5. साँप का ध्यान बँटाने के लिए लेखक ने क्या-क्या युक्तियाँ अपनाईं?

उत्तर: साँप का ध्यान बँटाने के लिए लेखक ने निम्नलिखित युक्तियाँ अपनाईं-

  • उसने मुट्ठीभर मिट्टी फेंककर साँप का ध्यान उधर लगा दिया।
  • उसने अपने हाथ का प्रहार करने की बजाय उसकी तरफ डंडा बढ़ा दिया, जिससे साँप ने सारा विष डंडे पर उगल दिया।

6. कुएँ में उतरकर चिट्ठियों को निकालने संबंधी साहसिक वर्णन को अपने शब्दों में लिखिए

उत्तर: चिट्ठियाँ सूखे कुएँ में गिर गई थीं। और कुएँ में साँप था। कुएँ में उतरकर चिट्ठियाँ लाना बड़ी हिम्मत का काम था। लेखक ने इस चुनौती को स्वीकार किया। लेखक ने छः धोतियों को जोड़कर डंडा बाँध दिया, एक सिरे को कुएँ में डालकर उसके दूसरे सिरे को कुएँ के चारों ओर घुमाने के बाद गाँठ लगाकर अपने छोटे भाई को पकड़ा दिया। लेखक इस धोती के ज़रिए कुएँ में उतर गया। जब वह भूमि से चार – पांच गज ऊपर था, उसने साँप को फन फैलाए देखा। वह कुछ वक्त ऊपर धोती पकड़े लटकता रहा, ताकि वह उसके आक्रमण से बच पाए। साँप को धोती पर लटककर मारना आसान नहीं था व डंडा चलाने के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं थी। उसने चिट्ठियों को डंडे से खिसकाने कि कोशिश की साँप ही डंडे से चिपक गया। साँप का पिछला हिस्सा लेखक के हाथ को छू गया, और लेखक ने डंडा भी फेंक दिया। डंडा लेखक की ओर खींच आने से साँप का आसन बदल गया और लेखक ने जल्द ही पोस्टकार्ड और लिफाफे चुन लिए और अपनी धोती के छोर से बाँध लिया।

7. इस पाठ को पढ़ने के बाद किन-किन बाल-सुलभ शरारतों के विषय में पता चलता है?

उत्तर: बच्चे बाल्यावस्था में पेड़ों पर चढ़ते हैं और उस पेड़ के फल तोड़कर खाते हैं, कुछ फल फेंक देते हैं तथा बच्चों को पेड़ों से बेर आदि फल तोड़कर खाने में मज़ा आता है। बच्चे स्कूल जाते समय रास्ते में शरारतें करते हुए तथा शोर करते हुए जाते। हैं। तथा बच्चे जीव-जन्तुओं को तंग करके खुश होते हैं। रास्ते में कुत्ते, बिल्ली या किसी कीड़े को पत्थर मारकर सताते हैं। क्योंकि वे नासमझ होते हैं। उन्हें उनके दर्द व पीड़ा के बारे में पता नहीं चलता। वे नासमझी व बाल शरारतों के कारण ऐसा करते हैं।

8. ‘मनुष्य का अनुमान और भावी योजनाएँ कभी-कभी कितनी मिथ्या और उलटी निकलतीहैं’-का आशय स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: इस कथन का आशय है कि मनुष्य हर परिस्थिति से निपटने के लिए तरह – तरह के अनुमान लगाते हैं और भविष्य की योजनाएं बनाते हैं। लेकिन उसकी सभी योजनाएं सफ़ल नहीं हो पाती। उसे कभी सफ़लता मिलती है तो कभी विफलता। इससे कई बार मनुष्य दुखी हो जाता है। इस पाठ के लेखक ने कुएँ से चिट्ठियाँ निकालने हेतु कई तरकीबें लगाई, योजनाएं बनाई और उसमें कई तरह के फेर – बदल भी किए। अंतः उसे सफ़लता प्राप्त हुई।

9.‘फल तो किसी दूसरी शक्ति पर निर्भर है’-पाठ के संदर्भ में इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: लेखक जब कुएँ में उतरा तो वह यह सोचकर उतरा था कि या तो वह चिट्ठियाँ उठाने में सफल होगा या साँप द्वारा काट लिया जाएगा। फल की चिंता किए बिना वह कुएँ में उतर गया और अपने दृढ़ विश्वास से सफल रहा। अत: मनुष्य को कर्म करना चाहिए। फल देने वाला ईश्वर होता है। मनचाहा फल मिले या नहीं यह देने वाले की इच्छा पर निर्भर करता है। लेकिन यह भी कहा जाता है, जो दृढ़ विश्वास व निश्चय रखते हैं, ईश्वर उनका साथ देता है।

NCERT Solutions Class 9th ~ Other Chapters

No.Chapter Name
1.माटी वाली
2.रीढ़ की हड्डी
3.मेरे संग की औरतें
4.बच्चे काम पर जा रहे हैं 
5.प्रेमचंद के फटे जूते
6.कैदी और कोकिला
7.साँवले सपनों की याद
8.दिए जल उठे
9. हामिद खां

Important Questions Class 9th ~ Other Chapters

No.Chapter Name
1.दो बैलों की कथा
2.ल्हासा की ओर
3.साँवले सपनों की याद
4.नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया
5.प्रेमचंद के फटे जूते
6.मेरे बचपन के दिन
7.साखियाँ एवं सबद
8.वाख
9.सवैये
10.कैदी और कोकिला
11.मेरे संग की औरतें
12.रीढ़ की हड्डी

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