NCERT Solutions for Class 9th – रीढ़ की हड्डी ~ Reedh ki haddi NCERT Solutions

CBSE Class 9 Kritika Hindi Chapter Reedh ki haddi NCERT Solutions PDF Download | CBSE Class 9 रीड की हड्डी पाठ के प्रश्न उत्तर/NCERT Solutions :- स्वागत है आपका 99KH.net पर आज हम आपको CBSE Class 9 Kritika Hindi Chapter Reedh ki haddi NCERT Solutions बताने वाले है। ये क्वेश्चन आपकी आने वाले पेपर्स में काफी मदद कर सकते है, इसलिए इन सभी क्वेश्चन को ध्यान से पढ़े। अगर आपको कोई समस्या आती है तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर पूछे।

Reedh ki haddi NCERT Solutions

Reedh ki haddi NCERT Solutions Class 9th ~ Question & Answer

1. रामस्वरूप और रामगोपाल प्रसाद बात-बात पर “एक हमारा जमाना था …. ” कह्कर अपने समय की तुलना वर्तमान समय से करते हैं । इस प्रकार की तुलना कहाँ तक तर्क संगत है ?

उत्तर:- रामस्वरूप और गोपाल प्रसाद दोनों पुराने जमाने के बुजुर्ग हैं। दोनों को वर्तमान जमाने की तुलना में अपना जमाना याद आता है। यह मनुष्य का स्वाभाविक गुण है कि वह हमेशा अपने बीते हुए समय को याद करता है, तथा उसे ही सही ठहराता है परन्तु बीते हुए समय की तुलना वर्तमान समय से करना तर्क संगत नहीं है क्योंकि हर एक समय अपनी उस समय की परिस्थितियों के अनुसार सही होता है। यों भी हर ज़माने की अपनी माॅंग होती हैं उसी के अनुसार जब जमाना बदलता है तो वहाॅं कुछ कमियों के साथ सुधार भी आते हैं। समय परिवर्तनशील है वह सदैव एक सा नहीं रहता समय के साथ हुए बदलाव को स्वीकार करने में ही भलाई है न कि उसकी तुलना बीते हुए कल से करने में।


2. रामस्वरूप का अपनी बेटी को उच्च शिक्षा दिलवाना और विवाह के लिए छिपाना, यह विरोधाभास उनकी किस विवशता को उजागर करता है?

उत्तर:- रामस्वरुप एक आज़ाद पसंद व्यक्ति थे। उनके अनुसार स्त्री शिक्षा में कोई बुराई नहीं अपितु उनके विकास के लिए यह आवश्यक है। इसीलिए उन्होंने उमा को कॉलेज की शिक्षा दिलवाकर बी.ए. पास करवाया। इसके अलावा उमा को संगीत, कला आदि का भी ज्ञान है। रामस्वरूप चाहते हैं कि उमा की शादी अच्छे परिवार में हो। संयोग से परिवार तो उच्च शिक्षित मिला परंतु उसकी सोच अच्छी न थी। लड़के का पिता और स्वयं लड़का दोनों ही चाहते हैं कि उन्हें दसवीं पास लड़की ही चाहिए। उपर्युक्त बात एक पिता की विवशता को उजागर करती है,जो एक ओर अपनी बेटी को पढ़ा -लिखा कर सक्षम बनाना चाहता है लेकिन समाज के नियमों को मानने के लिए बाध्य है।


3. अपनी बेटी का रिश्ता तय करने के लिए रामस्वरूप उमा से जिस प्रकार के व्यवहार की अपेक्षा कर रहे हैं, उचित क्यों नहीं है ?

उत्तर:- अपनी बेटी का रिश्ता तय करने के लिए रामस्वरूप उमा से जिस प्रकार के व्यवहार की अपेक्षा कर रहे हैं, वह सरासर गलत है। एक तो वे अपनी पढ़ी-लिखी लड़की को कम पढ़ा- लिखा साबित कर रहे हैं और रामस्वरूप उमा से सुन्दरता को और बढाने के लिए प्रसाधन सामग्री का उपयोग करने के लिए कहते हैं जो अनुचित है। साथ ही वे यह भी चाहते हैं कि उमा वैसा ही आचरण करे जैसा लड़के वाले चाहते हैं। वह आने वाले मेहमानों के सामने ढंग से बात करे, अपनी व्यवहार कुशलता से उनका दिल जीत ले। उसमें जो-जो गुण हैं, उन्हें ठीक तरह प्रकट करे ताकि वह होने वाले पति और ससुर को पसंद आ जाए। वह उसे कम पढ़ी लिखी लड़की के रूप में भी पेश करना चाहता है।

परन्तु वे यह क्यों भूल रहे हैं कि जिस प्रकार लड़के की अपेक्षाएँ होती है ठीक उसी प्रकार लड़की की पसंद-नापसंद का भी ख्याल रखना चाहिए। वह कोई निर्जीव वस्तु नहीं है बल्कि आज समाज में लड़का तथा लड़की को समान दर्जा प्राप्त है।


4. गोपाल प्रसाद विवाह को ‘बिजनेस’ मानते हैं और रामस्वरूप अपनी बेटी की उच्च शिक्षा छिपाते हैं क्या आप मानते हैं कि दोनों ही समान रूप से अपराधी हैं? अपने विचार लिखिए।

उत्तर:- गोपाल प्रसाद वकील हैं। वे चालाक किस्म के इनसान हैं। वे मानवीय रिश्तों से अधिक महत्त्व पैसों को देते हैं। शादी जैसे पवित्र संस्कार को भी वे ‘बिजनेस’ की तराजू में तौलते हैं। गोपाल प्रसाद की विवाह को बिजनेस मानने वाली सोच बहुत ही तुच्छ है।यह उनकी समाज में व्याप्त कुरीति दहेज प्रथा के प्रति उनके विचारों को भी प्रदर्शित करती है। वहीं दूसरी ओर रामस्वरूप भी समान रूप से अपराधी है, क्यूंकि रामस्वरूप चाहते हैं कि उनकी बेटी उमा का रिश्ता गोपाल प्रसाद के लड़के शंकर से हो जाए जो मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है परंतु समस्या यह है कि गोपाल प्रसाद और उनका बेटा दोनों ही चाहते हैं कि लड़की अधिक से अधिक दसवीं पास होनी चाहिए। इस कारण रामस्वरूप अपनी बेटी की उच्च शिक्षा छिपाने के लिए झूठ बोलते हैं।


5. “….आपके लाड़ले बेटे के की रीढ़ की हड्डी भी है या नहीं ….” उमा इस कथन के माध्यम से शंकर की किन कमियों की ओर संकेत करना चाहती है ?

उत्तर:- उपर्युक्त कथन के माध्यम से उमा शंकर की निम्न कमियों की ओर ध्यान दिलाना चाहती है –

  • क)शंकर का चरित्र अच्छा नहीं है वह लड़कियों के हॉस्टल में कई बार चक्कर काटते हुए पकड़ा गया है।
  • ख) शंकर तो खुद का कोई वजूद नहीं है, वह केवल अपने पिता की ही सुनता है और उन्हीं के अनुसार कार्य करता है।
  • ग) शंकर नौजवान होने के बावजूद भी सीधे से बैठ नहीं सकता यह कथन उसकी सारी कमजोरी की ओर भी संकेत करता है।

6. शंकर जैसे लड़के या उमा जैसी लड़की – समाज को कैसे व्यक्तित्व की जरूरत है ? तर्क सहित उत्तर दीजिए ।

उत्तर:- समाज में आज उमा जैसे दृढ़, स्पष्टवादिनी तथा उच्च चरित्र वाले व्यक्तित्व की आवश्यकता है । ऐसी लड़कियाँ ही गोपाल प्रसाद जैसे दोहरी मानसिकता रखने वाले, लालची और ढोंगी लोगों को सबक सिखा सकती हैं तथा दहेज जैसी कुरीतियों से लड़ सकती हैं,ऐसी लड़कियों से ही समाज और देश प्रगति कर पाएगा जो आत्मविश्वास से भरी,निडर तथा नई सोच रखती हो। इसके विपरीत शंकर जैसे लड़के समाज के लिए अभिशाप है। शंकर जैसे व्यक्ति समाज को कोई दिशा नहीं प्रदान कर सकते हैं न ही प्रेरणासोत्र बन सकते हैं बल्कि वे समाज के लिए बोझ है।


7. ‘रीढ़ की हड्डी’ शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए ।

उत्तर:- ‘रीढ़ की हड्डी’ एकांकी का शीर्षक सार्थक, सफल और व्यंग्यात्मक है। इस नाटक की मूल समस्या है-वर का व्यक्तित्वहीन होना। यदि शंकर समझदार और व्यक्तित्वसंपन्न युवक होता तो गोपाल प्रसाद की इतनी हिम्मत न होती कि वह दो सुशिक्षित वयस्कों के बीच में बैठकर अपनी फूहड़ बातें करे और अशिक्षा को प्रोत्साहन दे। कम पढ़ी लिखी बहू चाहना गोपाल प्रसाद की जरूरत हो सकती है, शंकर की नहीं। अगर शंकर अपने पिता के रोबदाब के आगे यूँ भी नहीं कर सकता, बल्कि उनकी हाँ में हाँ मिलाता है तो वह उसकी कायरता है। उस कायरता को दिखाने के लिए उसे रीढ़ की हड्डी के बिना दिखाया गया है। इस प्रकार, रीढ़ की हड्डी’ व्यंग्यात्मक, संकेतपूर्ण, सार्थक और सफल शीर्षक है।
एक अच्छे शीर्षक में जिज्ञासा होनी चाहिए, जो पाठक को आतुर कर दे। यह शीर्षक जिज्ञासातुर करने वाला है।


8. कथा वस्तु के आधार पर आप किसे एकांकी का मुख्य पात्र मानते हैं और क्यों ?

उत्तर:- कथावस्तु के आधार पर मैं उमा को इस एकांकी का मुख्य पात्र मानता हूं क्योंकि उमा उमा को इस एकांकी में महिलाओं की प्रतिनिधि के रूप में दिखाया गया है। उसे एक ऐसी नायिका के रूप में प्रस्तुत किया गया है।जो स्पष्टवादी है, एवं स्वाभिमानी है। उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बाद भी उसके अंदर संस्कार हैं, और वह अपनी निंदा बर्दाश्त नहीं करती एवं अनुचित बात का विरोध करती है। जिस प्रकार सभी महिलाओं को होना चाहिए।


9. एकांकी के आधार पर रामस्वरूप और गोपाल प्रसाद की चारित्रिक विशेषताएँ बताइए ।

उत्तर:- 

रामस्वरूप जी और गोपाल प्रसाद जी की चारित्रिक विशेषताएँ इस प्रकार हैं –

रामस्वरूप :- रामस्वरुप एक स्वतंत्रता प्रिय व्यक्ति हैं। वे औरतों की शिक्षा के पक्षपाती हैं। इसलिए अपनी पुत्री को भी पुत्र के समान ही उच्च शिक्षा दिलवाते हैं। वे एक स्नेही पिता हैं। रामस्वरुप जी अपनी पुत्री से बड़ा स्नेह करते हैं इसलिए उसके भविष्य की चिंता उन्हें सताती रहती है और इसी कारणवश वह अपनी पुत्री की शिक्षा भी लड़के वालों के आगे छिपा जाते हैं। रामस्वरुप जी समझदार व्यक्ति हैं। वे कई जगह गोपाल प्रसाद जी की गलत बातों का जवाब भी समझदारी पूर्वक देते हैं।

गोपाल प्रसाद :- गोपाल प्रसाद एक रोबदार व्यक्तित्व के स्वामी हैं। वकालत में होने के कारण अभिमान उनके व्यक्तित्व से टपकता है। गोपाल जी एक हँसमुख प्रवृति के इंसान हैं। बात-बात पर मज़ाक करना उनका स्वभाव है। गोपाल प्रसाद जी एक चतुर व्यक्ति हैं इसलिए अपने बीमार व चरित्रहीन बेटे के लिए एक कम पढ़ी-लिखी लड़की चाहते हैं ताकि वो कभी उसके सम्मुख आवाज़ न उठा सके।


10. इस एकांकी का क्या उद्देश्य है ? लिखिए।

उत्तर:- रीढ़ की हड्डी एक उदेद्श्यपूर्ण एकांकी है ।इस एकांकी के उदेद्श्य निम्नलिखित हैं –

  • 1) यह एकांकी स्त्री-पुरुष की समानता का पक्षधर है।
  • 2) लड़कियों के विवाह में आने वाली समस्या को समाज के सामने लाना।
  • 3) बेटियों के विवाह के समय माता-पिता को होने वाली परेशानियों को उजागर करना।
  • 4) स्त्री -शिक्षा के प्रति दोहरी मानसिकता रखने वालों को बेनकाब करना।
  • 5) स्त्री को अपने विचार व्यक्त करने की आज़ादी देना तथा उसका सबल व्यक्तित्व प्रस्तुत करना।

11. समाज में महिलाओं को उचित गरिमा दिलाने हेतु आप कौन-कौन से प्रयास कर सकते हैं ?

उत्तर:- समाज में महिलाओं को उचित गरिमा दिलाने हेतु हम निम्नलिखित प्रयास कर सकते हैं –

  • 1) स्त्री शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए।
  • 2) अपने समय की महान एवं विदुषी स्त्रियों का उदाहरण समाज में प्रस्तुत करना चाहिए ताकि अन्य लोग प्रेरणा ले सकें।
  • 3) उसके मान-सम्मान का ध्यान रखना चाहिए तथा समय-समय पर उन्हें पुरस्कृत करना चाहिए।
  • 4) मीडिया आदि के द्वारा उनके अस्तित्व की गरिमा का ध्यान रखा जाए,अश्लील चित्र,गीत-संगीत आदि पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।
  • 5) लड़के और लड़की को समान अधिकार मिलने चाहिए।
  • 6) हमें महिलाओं को हीन दृष्टि से नहीं देखना चाहिए।
  • 7) महिलाओं को उचित सम्मान देना चाहिए।
  • 8) महिलाओं को उनकी इच्छा के अनुसार हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का प्रोत्साहन देना चाहिए।

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1. माटी वाली

Important Questions Class 9th ~ Other Chapters

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1.दो बैलों की कथा
2.ल्हासा की ओर
3.साँवले सपनों की याद
4.नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया
5.प्रेमचंद के फटे जूते
6.मेरे बचपन के दिन
7.साखियाँ एवं सबद
8.वाख
9.सवैये
10.कैदी और कोकिला
11.मेरे संग की औरतें
12.रीढ़ की हड्डी

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