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Important Questions Class 9th- दो बैलों की कथा Kshitiz Hindi ~ Do Bailon Ki Katha

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CBSE Class 9 Kshitiz Hindi Chapter 1 Do Bailon Ki Katha Important Questions | CBSE Class 9 दो बैलों की कथा Important Questions :- स्वागत है आपका 99KH.net पर आज हम आपको CBSE Class 9 Kshitiz Hindi Chapter Do Bailon Ki Katha Important Questions बताने वाले है। ये क्वेश्चन आपकी आने वाले पेपर्स में काफी मदद कर सकते है, इसलिए इन सभी क्वेश्चन को ध्यान से पढ़े।

CBSE Class 9 Hindi Grammar Chapter Samas Important Questions

CBSE Class 9 Important Questions Do Bailon Ki Katha ~ गद्यांश आधारित प्रश्न

1. कुत्ता भी बहुत गरीब जानवर है, लेकिन कभी-कभी उसे भी क्रोध आ ही जाता है किंतु गधे को कभी क्रोध करते नहीं सुना, न देखा। जितना चाहो गरीब को मारो, चाहे जैसी खराब, सड़ी हुई घास सामने डाल दो, उसके चेहरे पर कभी असंतोष की छाया भी न दिखाई देगी। वैशाख में चाहे एकाध बार कुलेल कर लेता हो पर हमने तो उसे कभी खुश होते नहीं देखा। उसके चेहरे पर एक विषाद स्थायी रूप से छाया रहता है। सुख-दुख, हानि-लाभ, किसी भी दशा में उसे बदलते नहीं देखा।  ऋषियों-मुनियों के जितने गुण हैं वे सभी उसमें पराकाष्ठा को पहुच गए हैं पर आदमी उसे बेवकूफ कहता है। सद्गुणों का इतना अनादर कहीं नहीं देखा।

  • 1. कुत्ते को गरीब जानवर कहा गया क्योंकि
    • क. वह बहुतकामजोर प्राणी है।
    • ख. वह बहुत निर्धन पशु है।
    • ग. वह दया का पात्र है।
    • घ. उपरोक्त सभी
      • उत्तर- ग. वह दया का पात्र है।
  • 2. गधे क्या नहीं करते?
    • क. चुपचाप मार खाना
    • ख. असंतोष प्रकट करना
    • ग. खुश होना
    • घ. जो मिले उसे खा लेना
      • उत्तर- ख. असंतोष प्रकट करना
  • 3. किसके चेहरे पर सदा उदासी छाई रहती है?
    • क. कुत्ता
    • ख. बैल
    • ग. सांड
    • घ. गधा
      • उत्तर- घ. गधा
  • 4. सुख-दुख, हानि-लाभ में कौन नहीं बदलते?
    • क. ऋषि मुनि
    • ख. साधु
    • ग. गधे
    • घ. उपरोक्त सभी
      • उत्तर- घ. उपरोक्त सभी
  • 5. सुख दुख में कौन सा समास है
    • क. बहुव्रीहि
    • ख. द्विगु
    • ग. द्वंद्व
    • घ. अव्ययीभाव समास
      • उत्तर- ग. द्वंद्व

2. झूरी काछी के दोनों बैलों के नाम थे हीरा और मोती। दोनों पछाइ जाति के थे-देखने में सुंदर, काम में चौकस, डील में ऊँचे। बहुत दिनों साथ रहते-रहते दोनों में भाईचारा हो गया था। दोनों आमने-सामने या आस-पास बैठे हुए एक-दूसरे से मूक-भाषा में विचार-विनिमय करते थे। एक, दूसरे के मन की बात कैसे समझ जाता था, हम नहीं कह सकते। अवश्य ही उनमें कोई ऐसी गुप्त शक्ति थी, जिससे जीवों में श्रेष्ठता का दावा करने वाला मनुष्य वंचित है। दोनों एक-दूसरे को चाटकर और सूघकर अपना प्रेम प्रकट करते, कभी-कभी दोनों सींग भी मिला लिया करते थे-विग्रह के नाते से नहीं, केवल विनोद के भाव से, आत्मीयता के भाव से, जैसे दोस्तों में घनिष्ठता होते ही धैाल-धप्पा होने लगता है।

  • 1. झुरी  कौन था?
    • क. बैलों का मालिक
    • ख. बैलों का व्यापारी
    • ग. बैलों का खरीददार
    • घ. काजीहाऊस का चौकीदार
      • उत्तर- क. बैलों का मालिक
  • 2. हीरा और मोती कैसे थे?
    • 1. दिखने में सुंदर
    • 2. काम में चौकस
    • 3. कद में ऊचे
    • 4. उपरोक्त सभी
      • उत्तर- 4. उपरोक्त सभी
  • 3. हीरा और मोती की वह कौन सी विशेषता है जिससे मनुष्य वंचित है
    • क. भाईचारे की भावना
    • ख. विचार विनिमय का गुण
    • ग. कठोर परिश्रम करणे की शक्ति
    • घ. एक दूसरे के मन की बात जान लेना
      • उत्तर- घ. एक दूसरे के मन की बात जान लेना
  • 4. बैल अपना प्रेम कैसे प्रकट करते है
    • क. जुगाली करके
    • ख. चाटकर
    • ग. सींग मिलाकर
    • घ. उपरोक्त सभी
      • उत्तर- ख. चाटकर
  • 5 विग्रह का अर्थ है
    • क. मजाक
    • ख. प्रेम
    • ग. दोस्ती
    • घ. झगड़ा
      • उत्तर- घ. झगड़ा

3. आधी रात से ऊपर जा चुकी थी। दोनों गधे अभी तक खड़े सोच रहे थे कि भागें या न भागें, और मोती अपने मित्रो की रस्सी तोड़ने में लगा हुआ था। जब वह हार गया, तो हीरा ने कहा-तुम जाओ, मुझे यहीं पड़ा रहने दो। शायद कहीं भेंट हो जाए। मोती ने आँखों में आसू लाकर कहा-तुम मुझे इतना स्वार्थी समझते हो, हीरा? हम और तुम इतने दिनों एक साथ रहे हैं। आज तुम विपत्ति में पड़ गए, तो मैं तुम्हें छोड़कर अलग हो जाऊ!। हीरा ने कहा-बहुत मार पड़ेगी। लोग समझ जाएगे, यह तुम्हारी शरारत है। मोती गर्व से बोला-जिस अपराध के लिए तुम्हारे गले में बंधन पड़ा, उसके लिए अगर मुझ पर मार पड़े, तो क्या चिंता! इतना तो हो ही गया कि नौ-दस प्राणियों की जान बच गई। वे सब तो आशीर्वाद देंगे।

  • 1. कांजीहौस से गधे क्यों नहीं भागे?
    • क. वे दीवार टूटने से बेखबर थे।
    • ख. वे वहाँ सुखी थे।
    • ग. वे डरते थे।
    • घ. वे कायर थे।
      • उत्तर- घ. वे कायर थे।
  • 2. रस्सी कौन तोड़ने लगा?
    • क. हीरा
    • ख. मोती
    • ग. गधे
    • घ. उपरोक्त तीनों
      • उत्तर- ग. गधे
  • 3. मोती हीरा को छोड़कर क्यों नहीं गया?
    • क. वह कांजीहौस में रहना चाहता था।
    • ख. उसे हीरा की चिंता थी।
    • ग. वह मित्र को छोड़कर भागना नहीं चाहता था।
    • घ. उसे हीरा ने मना किया था।
      • उत्तर- घ. उसे हीरा ने मना किया था।
  • 4. मोती ने ऐसा क्यों कहा- जिस अपराध के लिए तुम्हारे गले में बंधन पड़ा, उसके लिए अगर मुझ पर मार पड़े, तो क्या चिंता! इतना तो हो ही गया कि नौ-दस प्राणियों की जान बच गई। वे सब तो आशीर्वाद देंगे।
    • क. उसे परवाह नहीं थी।
    • ख. वह मार खाने से नही डरता था।
    • ग. उसने हार मां लिया था।
    • घ. वह दूसरे की आजादी के लिए सब कष्ट सहने को तैयार था।
      • उत्तर- क. उसे परवाह नहीं थी।
  • 5. अपराध में किस उपसर्ग का प्रयोग है?
    • क. उप
    • ख. अप
    • ग. अपर
    • घ. राध
      • उत्तर- ख. अप

CBSE Class 9 Important Questions Do Bailon Ki Katha ~ गद्य पाठ पर आधारित लघुउत्तरीय प्रश्न

प्रश्न :- कांजीहौस में कैद पशुओं की हाजिरी क्यों ली जाती होगी?

उत्तर- कांजीहौस में कैद पशुओं की हाजिरी इसलिए ली जाती होगी ताकि कैद पशु की वास्तविक संख्या का पता चल सके और पता लगाया जा सके कि उनमें से कोई भाग तो नहीं गया या मर तो नहीं गया।

प्रश्न :- छोटी बच्ची को बैलों के प्रति प्रेम क्यों उमड़ आया?

उत्तर- बैलों के समान छोटी बच्ची भी जुल्म का शिकार थी इसलिए उसके मन में उनके लिए दया उमड़ पड़ी। उसकी सौतेली माता उसके प्रति कठोर बर्ताव करती थी अतः उस कोमल मन की बालिका ने जब गया को हीरा मोती पर अत्याचार करते देखा तो उसका मन पसीज गया।

प्रश्न :- कहानी में बैलों के माध्यम से कौन-कौन से नीति-विषयक मूल्य उभर कर आए हैं?

उत्तर- -कहानी में बैलों के माध्यम से से निम्नलिखित नीति-विषयक मूल्य उभर कर आए हैं-
(i) विपत्ति के समय हमेशा मित्र की सहायता करना चाहिए।
(ii) अपनी आजादी के लिए हमेशा सजग व संघर्षशील रहना चाहिए।
(iii) किसी की आजादी नही छीनना चाहिए।
(iv) अपने समुदाय के हित के लिए अपने हितों का त्याग करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
(v) पशु पक्षियों के प्रति दया का बर्ताव करना चाहिए।
(vi) स्त्रियों व बच्चों के प्रति सम्मानजनक बर्ताव करना चाहिए।

प्रश्न :- कहानी में प्रेमचंद ने गधे की किन स्वभावगत विशेषताओं के आधार पर उसके प्रति रूढ़ अर्थ ‘मूर्ख’ का प्रयोग न कर किस नए अर्थ की ओर संकेत किया है?

उत्तर- प्रेम चंद ने गधे की सहनशीलता, सीधेपन, कभी क्रोध न करने, हानि-लाभ सुख-दुख में समान रहने, आदि गुणों के आधार पर उसे बेवकूफ के स्थान पर संत स्वभाव का प्राणी करार दिया है जो बहुत अधिक सीधेपन के कारण सम्मान का पात्र नहीं समझा जाता।

प्रश्न :- किन घटनाओं से पता चलता है कि हीरा और मोती में गहरी दोस्ती थी?

उत्तर- पहली घटना मटर के खेत की थी जब मोती मटर खाने खेत में घुसा और इसी बीच खेत के रखवालों ने उसे घेर लिया। पैर कीचड़ में फँस जाने वह भाग न सका और पकड़ लिया गया। मित्र को मुसीबत में छोड़कर हीरा नहीं भागा और वापस आ गया। उसे भी पकड़ लिया गया।
दूसरी घटना कांजीहौस की थी जब मोती के प्रयासों से कांजीहौस की दीवार टूट गयी और वहाँ कैद पशुओं को आजादी मिल गयी पर हीरा के बंधन न टूटने के कारण मोती उसे छोड़कर नही गया। इस तरह दोनों मित्रों ने मुसीबत में सच्ची मित्रता का परिचय दिया।

प्रश्न :- ‘लेकिन औरत जात पर सींग चलाना मना है, यह भूल जाते हो।’-हीरा के इस कथन के माध्यम से स्त्री के प्रति प्रेमचंद के दृष्टिकोण को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- प्रेमचंद नारी के प्रति सम्मानजनक व्यवहार के पक्षधर थे। वे उनके विरूद्व हिंसा को अनुचित मानते थे। हमारे देश में प्राचीनकाल नारी को सम्मानीय माना जाता रहा है इसलिए उनपर जुल्म करना या उन्हे कठोर दण्ड देने के खिलाफ थे।

प्रश्न :कांजीहौस में कैद पशुओं की हाज़िरी क्यों ली जाती होगी?

कांजीहौस में कैद पशुओं की हाज़िरी लेने के निम्नलिखित कारण रहे होंगे-

  • पशुओं की संख्या का ठीक-ठीक पता चल सके।
  • यदि कोई पशु बीमार हो तो इसका पता लगाया जा सके।
  • समूह में उत्पात मचाने वाले पशुओं की अलग से व्यवस्था की जा सके।
  • पशुओं की संख्या नीलामी के योग्य है या नहीं इसका पता लगाया जा सके |
  • कोई पशु नया आया हो तो उसका पता लगाया जा सके |

प्रश्न :- किसान जीवन वाले समाज में पशु और मनुष्य के आपसी संबंधों को कहानी में किस तरह व्यक्त किया गया है?

उत्तर- इस कहानी में बताया गया है कि किसानों का अपने पालतु पशुओं से भावनात्मक संबंध होता है। झूरी अपने बैलों को अपने पुत्रों की भाति स्नेह करता था और उन्हें फूल की छड़ी से भी न छूता था। बैल भी अपने स्वामी के प्रति पूरी निष्ठा रखते है थे और उसके लिए कड़ा परिश्रम करने सदा तैयार थे।

प्रश्न :- ‘इतना तो हो ही गया कि नौ दस प्राणियों की जान बच गई। वे सब तो आशीर्वाद देंगें’-मोती के इस कथन के आलोक में उसकी विशेषताएँ बताइए।

उत्तर –मोती उग्र व क्राँतिकारी प्रकृति का बैल था। कांजीहौस में उसके प्रयास से वहाँ कैद अन्य पशुओं को आजादी मिल गई किन्तु हीरा के गले में रस्सी पड़ी होने के कारण वे स्वयं आजाद न हो सके। इतना होने पर भी उसे इस बात का संतोष है कि उसके प्रयत्नो से दूसरे जीवों को आजादी मिल गई। मोती के इस कथन से उसके एक निस्वार्थ क्रातिकारी स्वभाव का पता चलता है जिसे लिए स्वयं की आजादी से महत्वपूर्ण है अपनी जाति और समुदाय की मुक्ति।

प्रश्न :- छोटी बच्ची को बैलों के प्रति प्रेम क्यों उमड़ आया?

उत्तर – छोटी बच्ची की माँ मर चुकी थी | उसकी सौतेली माँ उस पर बहुत अत्याचार करती थी | अपनों से बिछड़ने का दुःख वह जानती थी | हीरा मोती भी अपने घर से दूर थे | उन्हें भी अपनों का स्नेह नहीं मिल रहा था | दिन भर काम करवाने के बाद उन्हें सूखा भूसा खाने को दिया जाता था और उन पर डंडे बरसाए जाते थे | छोटी बच्ची छल-प्रपंच से अभी दूर थी। उसे बैलों की स्थिति अपनी जैसी ही लगती थी | उन बैलों पर अत्याचार होते देखकर उसका मन द्रवित हो गया और उसके मन में उन बैलों के प्रति प्रेम उमड़ आया |

प्रश्न :- आशय स्पष्ट कीजिए-
(क) अवश्य ही उनमें कोई ऐसी गुप्त शक्ति थी, जिससे जीवों में श्रेष्ठता का दावा करने वाला मनुष्य वंचित है।

(ख) उस एक रोटी से उनकी भूख तो क्या शांत होती पर दोनों के हृदय को मानो भोजन मिल गया।

उत्तर-
(क) मनुष्य स्वयं को सर्वश्रेष्ठ प्राणी कहता है किन्तु उसके पास वह गुप्त शक्ति नही है कि अन्य प्राणियो की तरह दूसरे प्राणी के मन की बात जान ले। मनुष्य विचार विनिमय के लिए भाषा या बोली पर आश्रित है। गाय बैलों की भॉंति वह मूक भाषा में बातचीत नहीं कर सकता।
(ख)  छोटी बालिका ने जब जुल्म के शिकार हीरा मोती को एक एक रोटी खिलाया तो उनकी भूख शांत नही हुई पर दोनों के हृदय को इस बात की संतुष्टि मिली कि उस घर में कोई तो है जिसे उनकी परवाह है और जिनके मन में उनके लिए स्नेह है।

प्रश्न :- किन घटनाओं से पता चलता है कि हीरा और मोती में गहरी दोस्ती थी?

उत्तर- निम्नलिखित घटनाओं से पता चलता है कि हीरा-मोती में गहरी दोस्ती थी-

  • हीरा और मोती एक-दूसरे को चाटकर और सूँघकर एक-दूसरे के प्रति अपना प्रेम प्रकट करते थे।
  • जब इन दोनों को हल में जोता जाता तो दोनों की यही कोशिश रहती कि ज्यादा-से-ज्यादा भार उनकी पीठ पर हो |
  • गया ने जब हीरा की पिटाई करी तो मोती दुखी होकर हल लेकर भागा जिससे हल, जोत, जुआ सब टूट गए।
  • साँड़ ने जब एक बैल पर आक्रमण किया तो दूसरा साँड़ के पेट में सींग घुसेड़ देता था, इस प्रकार दोनों ने सांड को भगा दिया |
  • मटर खाते समय जब मोती पकड़ा गया तो हीरा वापस आ गया और दोनों को कांजीहौस में बंदी बना लिया गया |
  • कांजीहौस की दीवार गिराते समय हीरा को मोटी रस्सियों में बाँध दिया गया। यदि मोती चाहता तो अन्य पशुओं के साथ-साथ स्वयं भी भाग जाता, पर उसने वहाँ से न जाकर अपनी सच्ची मित्रता का परिचय दिया |

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