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Important Questions Class 9th- ल्हासा की ओर Kshitiz Hindi ~ Lhasa ki Aur

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CBSE Class 9 Kshitiz Hindi Chapter 2 Lhasa ki Aur Important Questions | CBSE Class 9 ल्हासा की ओर Important Questions :- स्वागत है आपका 99KH.net पर आज हम आपको CBSE Class 9 Kshitiz Hindi Chapter Lhasa ki Aur Important Questions बताने वाले है। ये क्वेश्चन आपकी आने वाले पेपर्स में काफी मदद कर सकते है, इसलिए इन सभी क्वेश्चन को ध्यान से पढ़े।

 Lhasa ki Aur Important Questions

Lhasa ki Aur Important Question ~ गद्यांश आधारित प्रश्न

1. डाडे़ तिब्बत में सबसे खतरे की जगहें हैं। सोलह-सत्ररह हज़ार फीट की। ऊँचाई होने के कारण उनके दोनों तरफ़ मीलों तक कोई गाँव-गिराव नहीं होते। नदियों के मोड़ और पहाड़ों के कोनों के कारण बहुत दूर तक आदमी को देखा नहीं जा सकता। डाकुओं के लिए यही सबसे अच्छी जगह है। तिब्बत में गाँव में आकर खून हो जाए, तब तो खूनी को सज़ा भी मिल सकती है, लेकिन इन निर्जन स्थानों में मरे हुए आदमियों के लिए कोई परवाह नहीं करता। सरकार खुफि़या-विभाग और पुलिस पर उतना खर्च नहीं करती और वहाँ! गवाह भी तो कोई नहीं मिल सकता। डकैत पहिले आदमी को मार डालते हैं, उसके बाद देखते हैं कि कुछ पैसा है कि नहीं।

  • 1. डाड़े तिब्बत में सबसे खतरनाक जगहें क्यों हैं?
  • यह सोलह-सत्ररह हज़ार फीट की ऊँचाई पर है।
  • यहाँ आस-पास मीलों तक कोई गाँव नहीं है।
  • डाकुओं के लिए यह सुरक्षित जगह है।
  • उपर्युक्त सभी कथन सत्य हैं।

उत्तर- घ. उपर्युक्त सभी कथन सत्य हैं।

  • 2. डाकुओं के लिए डाड़े सबसे अच्छी जगह क्यों हैं?
  1. पुलिस उनसे डरती है।
  2. बहुत से यात्राी लूटने के लिए मिल जाते हैं।
  3. लूट और हत्या का कोई गवाह नहीं मिल पाता।
  4. सुनसान जगह है।

उत्तर- ग. लूट और हत्या का कोई गवाह नहीं मिल पाता।

  • 3. यहाँ खून होने पर खूनी को सजा क्यों नहीं मिल पाती?
  1. क्योंकि वहाँ जमींदारी प्रथा है।
  2. क्योंकि वहाँ! कोई न्यायालय नहीं है।
  3. खूनी से सब डरते हैं।
  4. क्योंकि खून करने वाले के खिलाफ कोई गवाह नहीं होता।

उत्तर- घ. क्योंकि खून करने वाले के खिलाफ कोई गवाह नहीं होता।

  • 4. डाड़े की आवासीय स्थिति कैसी है?
  1. यहाँ दूर-दूर तक कोई गाँव नहीं है।
  2. यहाँ गाँव बहुत पास-पास हैं।
  3. यहाँ गाँव की आबादी कम है।
  4. यहाँ गाँव की सघन आबादी है।

उत्तर- क. यहाँ दूर-दूर तक कोई गाँव नहीं है।

  • 5 ‘निर्जन’ शब्द में उपसर्ग है-
  • नि।
  • निर्।
  • नीर।
  • निज।

उत्तर- ख. निर्।

Lhasa ki Aur Important Question ~ गद्य पाठ पर आधारित लघुउत्तरीय प्रश्न

प्रश्न :- तिब्बत की कौन-कौन-सी बाते लेखक को अच्छी लगीं?
उत्तर- 
– लेखक को यह बात अच्छी लगी कि तिब्बत में भारत की तरह जाति प्रथा छुआछूत परदा प्रथा आदि बुराई नही थी। इसलिए किसी के यहाँ आसानी से प्रवेश कर सकते थे और चाय आदि बनवा सकते थे।

प्रश्न :- तिब्बत में सबसे खतरनाक जगह कौन सी है और क्यों?
उत्तर-
 तिब्बत में सबसे खतरनाक स्थान डाँडे है। सोलह सत्ररह हजार फीट ऊँचे स्थान होने कारण दूर तक कोई गाँव नही होता इसलिए डाकुओं का भय बना रहता है।

प्रश्न :- तिब्बत के मार्ग में आदमी कम क्यों दिखाई देते हैं ?

उत्तर: तिब्बत के मार्ग में नदियों के मोड़ों तथा पहाड़ों के कोनों के कारण एवं कठिन रास्ते के कारण बहुत कम आदमी दिखाई पड़ते हैं।

प्रश्न :- सुमति गंडे कैसे बनाता था?

उत्तरः- सुमति बोधगया से लाए गए कपड़ों से गंडे बनाता था, परन्तु उसके यजमान काफी होने के कारण जब वे कपड़े समाप्त हो जाते तो वह किसी भी कपड़े की पतली-पतली चिरी बत्तियों से गंडे बना लेता था।

प्रश्न :- तिब्बत के निर्जन स्थानों में यात्रियों की स्थिति का वर्णन कीजिए और वहाँ की कानून व्यवस्था पर प्रकाश डालिए।अथवातिब्बत में कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा की क्या स्थिति थी ?

उत्तरः तिब्बत में कानून व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब होने के कारण यात्रियों की स्थिति दयनीय थी। पिस्तौल और बन्दूक का इस्तेमाल यहाँ डाकू लोग प्रायः करते हैं क्योंकि ये आसानी से उपलब्ध हैं। यहाँ की सरकार, खुफिया-विभाग और पुलिस पर ज्यादा खर्चा नहीं करती। भौगोलिक परिस्थितियों के कारण गवाह व सुरक्षा भी उपलब्ध नहीं हैं। पुलिस जाँच भी नहीं करती थी डाँड़े जैसी जगहों में डाकू आसानी से छिप जाते हैं। ऊँचाई के कारण मीलों तक आबादी नहीं है और नदियों के मोड़ व पहाड़ों के कारण आदमी दूर तक दिखाई नहीं देते।

प्रश्न :- नेपाल-तिब्बत मार्ग की विशेषताओं का वर्णन करें|

उत्तर :- नेपाल-तिब्बत मार्ग व्यापारिक ही नहीं सैनिक रास्ता भी था| इस मार्ग से ही नेपाल और हिंदुस्तान की चीजें तिब्बत जाया करती थीं| सैनिक मार्ग होने के कारण जगह-जगह फौजी चौकियाँ और किले बने हुए थे| इसमें चीनी सेना रहा करती थी| आजकल बहुत-से फौजी मकान गिर चुके हैं और किले के कई भागों में किसानों ने अपना बसेरा बना लिया है|

प्रश्न :- भारत की महिलाओं की तुलना में तिब्बत की महिलाओं की सामाजिक स्थिति कैसी थी? ल्हासा की ओर पाठ के आधार पर लिखिए।

उत्तरः- तिब्बत की औरतें पर्दा नहीं करती थीं। वे अतिथि का स्वागत-सत्कार भी करती थीं, चाहे घर में कोई पुरुष हो या न हो। तिब्बती औरतें जाति-पाँति, छुआछूत में विश्वास नहीं करती थीं। यही अन्तर भारत और तिब्बत की औरतों में थे।

प्रश्न :- सुमति के यजमान और अन्य परिचित लोग लगभग हर गाँव में मिले। इस आधार पर सुमति के व्यक्तित्व की विशेषताएँ बतलाइए।

उत्तरः- सुमति मिलनसार थे। वे सबका ध्यान रखते थे। वे धर्मगुरु के रूप में माने जाते थे। वे परोपकारी व मदद करने वाले थे।

प्रश्न :- लेखक के अनुसार, तिब्बत में यात्रियों के लिए कौन-सी आरामदायक सुविधाएँ हैं?

उत्तर :- लेखक के अनुसार, तिब्बत में यात्रियों के लिए कई आरामदायक सुविधाएँ हैं| तिब्बत के समाज में जाति-पाँति, छुआछूत का सवाल ही नहीं है और न औरतें परदा ही करती हैं| चाहे आप बिलकुल अपरिचित हों, तब भी घर की बहू या सासू को अपनी झोली में से चाय दे सकते हैं| वह आपके लिए उसके पका देगी| बस निम्नश्रेणी के भिखमंगों को छोड़कर कोई भी अपरिचित व्यक्ति घर के अंदर जा सकता है|

प्रश्न :- तिब्बत में हथियारों का कानून न होने के कारण यात्रियों को किसप्रकार का भय रहता है?
उत्तर- 
तिब्बत में हथियारों का कानून न होने के कारण लोग पिस्तौल बंदूक को लाठी की तरह लेकर फिरते हैं इसलिए यात्रियों को जान का खतरा बना रहता है।

प्रश्न :- लेखक लङकोर के मार्ग में किस कारण पिछड़ गया?
उत्तर-
 लेखक लङकोर के मार्ग में किस कारण पिछड़ गया क्योंकि वह जिस घोड़े की सवारी कर रहा था वह धीमा था और एक स्थान पर वे दूसरे रास्ते चले गये तब उन्हें लौटना पड़ा।

प्रश्न :- तिब्बत में जमीन की क्या स्थिति है?

उत्तर: तिब्बत में जमीन का अधिकतर भाग छोटे-बड़े जागीरदारों में बँटा है। काफी हिस्सा मठों के हाथ में है। उन्हें मजदूर बेगार में मिलते हैं। खेती का इन्तजाम भिक्षु देखता है जो किसी राजा से कम नहीं होता था।

प्रश्न :- प्रस्तुत यात्रा-वृत्तांत के आधार पर बताइए कि उस समय का तिब्बती समाज कैसा था?

उत्तरः

  • (i) उस समय के तिब्बत में जात-पाँत, छुआछूत आदि का कोई विचार नहीं था।
  • (ii) वहाँ की औरतें पर्दा नहीं करती थीं।
  • (iii) अतिथि का स्वागत-सत्कार करती थीं।
  • (iv) वहाँ के लोग धार्मिक स्वभाव के थे और बौद्ध धर्म को मानते थे।

प्रश्न :- लेखक ने कितनी बार तिब्बत यात्रा की और कैसा अनुभव प्राप्त किया था ? पठित पाठ के आधार पर बताइए।

उत्तरः- लेखक ने दो बार तिब्बत की यात्रा की और वहाँ के समाज, भौगोलिक स्थितियों एवं परम्पराओं को जाना।

प्रश्न :- लेखक ने शेकर विहार में यजमान के पास सुमति को जाने से रोका परन्तु दूसरी बार रोकने का प्रयास क्यों नही किया?
उत्तर- 
लेखक ने दूसरी बार सुमति को रोकने का प्रयास क्यों नही किया क्योंकि बुद्ववचन के अनुवाद की हस्तलिखित 103 पोाथियाँ पढ़ने में व्यस्त हो गये। लेखक एकांत में उन ग्रन्थो को पढ़ना चाहते थे।

प्रश्न :- लेखक का घोड़ा कैसे चल रहा था और क्यों?

उत्तर: लेखक का घोड़ा बहुत धीरे-धीरे चल रहा था, घोड़ा थका हुआ तथा सुस्त था। लेखक उसे मारना नहीं चाहता था।

प्रश्न :- तिब्बत में डाँड़े के देवता का स्थान कहाँ था ? उसे कैसे सजाया गया था ?

उत्तरः– डाँड़े के सर्वोच्च स्थान पर देवता का स्थान था जो पत्थरों के ढेर, जानवरों के सींगों और रंग-बिरंगे कपड़ों की झण्डियों से सजाया गया था।

प्रश्न :- मैं अब पुस्तकों के भीतर था।’ लेखक ने ऐसा क्यों कहा?

उत्तर: लेखक को पुस्तकें पढ़ने का बहुत शौक था, अब वहाँ उन्हें बहुत सारी पुस्तकें मिल गईं, जिन्हें वे पढ़ने लग गए।

प्रश्न :- लेखक राहुल सांड्डत्यायन लङ्कोर के मार्ग में अपने साथियों से किस प्रकार पिछड़ गए थे और कब साथ हुए? अथवा लेखक लङ्कोर के मार्ग में अपने साथियों से किस कारण पिछड़ गया?

उत्तरः लेखक लङ्कोर के मार्ग में अपने साथियों से पिछड़ गया, क्योंकि वहाँ का रास्ता ऊँची चढ़ाई का था और जो घोड़ा मिला था वह भी सुस्त था, रास्ता भटक गया, क्योंकि आगे जाकर दो रास्ते एक साथ निकल रहे थे, वह गलत रास्ते पर मील-डेढ़मील तक चला गया था। पूछने पर सही रास्ते का ज्ञान हुआ तब उसने उसी रास्ते पर वापस आकर पुनः सही रास्ते को पकड़ा और साथियों के साथ हो गया।

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