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Important Questions Class 9th- साँवले सपनों की याद Kshitiz Hindi ~ Sawle sapno ki yaad

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CBSE Class 9 Kshitiz Hindi Chapter Sawle sapno ki yaad Important Questions | CBSE Class 9 साँवले सपनों की याद Important Questions :- स्वागत है आपका 99KH.net पर आज हम आपको CBSE Class 9 Kshitiz Hindi Chapter Sawle sapno ki yaad Important Questions बताने वाले है। ये क्वेश्चन आपकी आने वाले पेपर्स में काफी मदद कर सकते है, इसलिए इन सभी क्वेश्चन को ध्यान से पढ़े।

 Chapter Sawle sapno ki yaad Important Questions

Important Questions Class 9th ~ गद्यांश आधारित प्रश्न

1. इस हुजूम में आगे-आगे चल रहे हैं, सालिम अली। अपने कंधें पर सैलानियो की तरह अपने अंतहीन सफर को बोझ उठाए। लेकिन यह सफर पिछले तमाम सफरों से भिन्न है। भीड़-भाड़ की जिंदगी और तनाव के माहौल से सालिम अली का यह आखिरी पलायन है। अब तो वेा उस वन-पक्षी की तरह प्रकृति में विलीन हो रहे हैं, जो जिंदगी को आखिरी गीत गाने के बाद मौत की गोद में जा बसा हो। कोई अपने जिस्म की हरारत और दिल की धड़कन देकर भी उसे लौटाना चाहे तो वह पक्षी अपने सपनों के गीत दोबारा कैसे गा सकेगा। उपर्युक्त गद्यांश के आधार पर सही विकल्पों का चयन कीजिए-

  • (i) अंतहीन सफर का आशय है
  1. बहुत लम्बी यात्रा
  2. मृत्यु के उपरांत अंतिम यात्रा
  3. जंगलों मेंभटक जाना
  4. हुजूम में आगे चलना

उत्तर- ख. मृत्यु के उपरांत अंतिम यात्रा

  • (ii) सालिम अली का यह आखिरी पलायन कैसे था?
  1. अपना काम छोड़ रहे थे
  2. अपना दफ्ऱतर छोड़ के भाग रहे थे
  3. विदेश जाकर बस रहे थे
  4. मौत के आगोश में चले गए।

उत्तर- घ. मौत के आगोश में चले गए।

  • (iii) सालिम किस वन पक्षी की तरह थे
  1. जो बंधनों में रह कर गीत गाता है।
  2. जो पानी में खेलता है।
  3. जो मुक्त प्रकृति में गीत गाता है।
  4. जो आकाश में ऊँचा उड़ता है।

उत्तर- ग. जो मुक्त प्रकृति में गीत गाता है।

  • (iv) प्रकृति से सालिम अली का संबंध कैसा था?
  1. प्रकृति उनके लिए उपयोग की वस्तु थी
  2. वे प्रकृति पर विजय पाना चाहते थे
  3. वे प्रकृति का दोहन कर सफल होना चाहते थे
  4. वे प्रकृति का आत्मीय हिस्सा बन कर रहते थे

उत्तर- घ. वे प्रकृति का आत्मीय हिस्सा बन कर रहते थे

  • (v) ‘सपनों के गीत गाना’ का तात्पर्य है
  1. अपना पंसदीदा कार्य करना
  2. नींद में गाने गाना
  3. गाने में सपनों का वर्णन करना
  4. झूठीं बाते करना

उत्तर- क. अपना पंसदीदा कार्य करना

2. नैसर्गिक जिंदगी का प्रतिरूप बन गये थे। सालिम अली प्रकृति की दुनिया में एक टापू बनने की बजाए अथाह सागर बनकर उभरे थे। जो लोग उनके भ्रमणशील स्वभाव और उनकी यायावरी से परिचित हैं, उन्हें महसूस होता है कि वो आज भी पक्षियों के सुराग में ही निकले हैं, और बस अभी गले में लंबी दूरबीन लटकाए अपने खोजपूर्ण नतीजों के साथ लौट आएगे। जब तक वो नहीं लौटते, क्या उन्हें गया हुआ मान लिया जाए! मेरी आखें नम हैं, सालिम अली, तुम लौटोगे ना!

  • (i) नैसर्गिक जिंदगी के प्रतिरूप का आशय है
  1. पक्षियों से प्रेम
  2. पक्षियों से गहरा लगाव रखने वाले
  3. सबसे मिलजुलकर रहनेवाले
  4. भ्रमण प्रेमी

उत्तर- क. पक्षियों से प्रेम

  • (ii) सालिम अली प्रकृति की दुनिया में एक टापू बनने की बजाए अथाह सागर बनकर उभरे थे। इस कथन द्वारा लेखक क्या कहना चाहते हैं
  1. वे सदा अपनी अलग दुनिया बसाते रहे।
  2. वे समुद्र यात्रा करते रहे।
  3. वे सदा प्रकति से निकट संबंध बनाये रहे।
  4. उपरोक्त में से कोई नही

उत्तर- ग. वे सदा प्रकति से निकट संबंध बनाये रहे।

  • (iii) भ्रमणशील स्वभाव और यायावरी का आशय किससे है
  1. तलाशने ख. घूमने फिरने ग. यात्रा करने
  2. उपरोक्त में से कोई नही

उत्तर- ख. घूमने फिरने

  • (iv) सालिम अली किसकी खोज करते रहे
  1. गौरया की
  2. दुर्लभ पक्षियों की
  3. मोर की
  4. हाथियों की

उत्तर- ख. दुर्लभ पक्षियों की

  • (v) इस गद्यांश के पाठ के लेखक हैं
  1. महादेवी वर्मा
  2. प्रेमचंद
  3. जाकिर हुसैन
  4. जाबिर हुसैन

उत्तर- घ. जाबिर हुसैन

Important Questions Class 9th ~ Sawle sapno ki yaad

प्रश्न :- किस घटना ने सालिम अली के जीवन की दिशा को बदल दिया और उन्हें पक्षी प्रेमी बना दिया?
उत्तर- 
बचपन के दिनों में, उनकी एयरगन से घायल होकर गिरने वाली नीलेकंठ की वह गौरैया सारी जिंदगी उन्हें खोज के नए-नए रास्तों की तरफ ले जाती रही। इस घटना ने सालिम अली के जीवन की दिशा को बदल दिया और उन्हें पक्षी प्रेमी बना दिया।

प्रश्न :- सालिम अली ने पूर्व प्रधानमंत्री के सामने पर्यावरण से संबंधित किन संभावित खतरों का चित्र खींचा होगा कि जिससे उनकी आँखें नम हो गई थीं?
उत्तर- सालिम अली ने उन्हे बताया होगा कि पर्यावरण में आ रहे बदलाव के कारण अनेक पक्षी लुप्त होने के कगार पर है। भविष्य में हम इनमें से अनेक दुर्लभ पक्षियों को देख नही सकेंगे। गाँव की खेती भी इससे प्रभावित होगी। यह सुनकर चौधरी चरण सिंह के आँखों में पानी आ गया होगा।

प्रश्न :- वृंदावन में कृष्ण की मुरली का जादू हमेशा क्यों बना रहता है?

उत्तर :- वृंदावन कृष्ण की नगरी के रूप में जाना जाता है| हिंदू तीर्थयात्री यहाँ वर्ष-भर कृष्ण के दर्शन के लिए आते रहते हैं| उन्हें यहाँ की गलियों में कृष्ण की बाँसुरी की मधुर धुन सुनाई पड़ती है| इस प्रकार वृंदावन में कृष्ण की मुरली जादू हमेशा बना रहता है|

प्रश्न :- इस पाठ में लेखक ने सालिम अली के व्यक्तित्व का जो चित्र खींचा है उसे अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर :- प्रकृति प्रेमी सालिम अली एक विचारशील व्यक्ति थे। प्रकृति तथा पक्षियों के प्रति उनके मन में कभी न खत्म होने वाली जिज्ञासा थी। उनका जीवन काफी रोमांचकारी था तथा उनका स्वभाव भ्रमणशील था। कभी-भी किसी-भी वक्त वे पक्षियों के बारे में पता करने निकल जाते थे।

प्रश्न :- लॉरेंस की पत्नी फीडा ने ऐसा क्यों कहा होगा कि मेरी छत पर बैठने वाली गोरैया लॉरेंस के बारे में ढेर सारी बातें जानती है?
उत्तर-
 लॉरेंस की पत्नी ने ऐसा इसलिए कहा होगा क्योंकि लॉरेंस प्रकृति प्रेमी थे और प्रकृति को सजीव मानकर उनसे सीधे जुड़े होंगे। वे अकसर पक्षियों की दुनिया में जाकर उनका अवलोकन करते होंगे।

प्रश्न :- इस पाठ के आधार पर लेखक की भाषा-शैली की चार विशेषताएँ बताइए।

उत्तर :- लेखक की भाषा-शैली की विशेषताएँ—

  • (1) इनकी शैली चित्रात्मक है। पाठ को पढ़ते हुए इसकी घटनाओं का चित्र उभर कर हमारे सामने आता है।
  • (2) लेखक ने भाषा में हिंदी के साथ-साथ कहीं-कहीं उर्दू तथा कहीं-कहीं अंग्रेज़ी के शब्दों का प्रयोग भी किया है।
  • (3) इनकी भाषा अत्यंत सरल तथा सहज है।
  • (4) अपने मनोभावों को प्रस्तुत करने के लिए लेखक ने अभिव्यक्ति शैली का सहारा लिया है।

प्रश्न :- लेखक ने सालिम अली की अंतिम यात्रा का वर्णन कैसे किया है?

उत्तर :- लेखक के शब्दों में, प्रसिद्ध पक्षी-प्रेमी सालिम अली किसी वन-पक्षी की तरह प्रकृति में विलीन हो रहे थे, जो जिंदगी का आखिरी गीत गाने के बाद मौत की गोद में जा बसा हो| ऐसा लग रहा था मानो सुनहरे पक्षियों के पंखों पर साँवले सपनों का एक झुंड सवार है और सालिम अली उसका नेतृत्व कर रहे हैं| वे सैलानियों की तरह पीठ पर बोझ लादे अंतहीन यात्रा पर चल पड़े हैं|

प्रश्न :- आशय स्पष्ट कीजिए-
कोई अपने जिस्म की हरारत और दिल की धड़कन देकर भी उसे लौटाना चाहे तो वह पक्षी अपने सपनों के गीत दोबारा कैसे गा सकेगा!

उत्तर- इसका आशय यह है कि सालिम अली पक्षियों की दुनिया छोड़कर जा चुके है। उनका निधन हो चुका है इसलिए कोई उन्हे शरीर की गर्मी और धड़कन देकर जावित करना चाहे तो यह असभंव है।

प्रश्न :- सालिम अली के अनुसार प्रकृति को किस नजर से देखना चाहिए?

उत्तर :- सालिम अली के अनुसार प्रकृति को उसी के नजर से देखना चाहिए| प्रकृति को अपने आनंद के लिए नहीं, बल्कि उसकी सुरक्षा की दृष्टि से देखना चाहिए| लोग प्रकृति को अपने स्वार्थ पूर्ति का साधन-मात्र मानते हैं, जबकि सालिम अली प्रकृति की सुंदरता बनाए रखने में विश्वास रखते थे|

प्रश्न :- सालिम अली और डी. एच. लॉरेंस में क्या समानता थी?
उत्तर- 
सालिम अली पक्षी विज्ञानी थे और डी एच लॉरेंस कवि और उपन्यासकार थे। वे दोनों प्रकृति प्रेमी थे। उनका प्रकृति से गहरा लगाव तथा संबंध था। दोनों प्रकृति की सुृरक्षा करके मानव जीवन को बचाना चाहते थे। दोनों को पक्षियो से लगाव था तथा वे उनको लुप्त होने से बचाना चाहते थे।

प्रश्न :- प्रस्तुत पाठ सालिम अली की पर्यावरण के प्रति चिंता को भी व्यक्त करता है। पर्यावरण को बचाने के लिए आप कैसे योगदान दे सकते हैं?

उत्तर :- पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए हम निम्नलिखित तरह से योगदान दे सकते हैं –

  • (1) वायु को शुद्ध रखने के लिए हमें पेड़-पौधे लगाने चाहिए।
  • (2) हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि हमारे आसपास का स्थान साफ़-सुथरा रहे। इसके लिए हमें कूड़ेदान का प्रयोग करना       चाहिए।
  • (3) जल को प्रदूषित नहीं होने देना चाहिए।
  • (4) तेज़ आवाज़ को रोककर हम ध्वनि प्रदूषण होने से रोक सकते हैं।

प्रश्न :- ‘साँवले सपनों की याद’ शीर्षक की सार्थकता पर टिप्पणी कीजिए।

उत्तर :- यह रचना लेखक जाबिर हुसैन द्वारा अपने मित्र सालिम अली की याद में लिखा गया संस्मरण है। पाठ को पढ़ते हुए इसका शीर्षक “साँवले सपनों की याद” अत्यंत सार्थक प्रतीत होता है। लेखक का मन अपने मित्र से बिछड़ कर दु:खी हो जाता है, अत: वे उनकी यादों को ही अपने जीने का सहारा बना लेते हैं।

प्रश्न :- सालिम अली की तुलना टापू से न करके अथाह सागर से क्यों की गई है?

उत्तर :- लेखक के अनुसार, सालिम अली ने प्रकृति का सूक्ष्मता से अध्ययन किया था| उनका जीवन देखने में सरल था लेकिन उनका ज्ञान प्रकृति के संबंध में असीम था| उन्होंने किसी सीमा में बंधकर काम नहीं किया बल्कि प्रकृति के हर अनुभव को महसूस किया| उन्हें अथाह सागर की तरह प्रकृति से गहरा प्रेम था| इस प्रकार उन्होंने किसी छोटे टापू की तरह नहीं बल्कि गहरे सागर की तरह खुले संसार में प्रकृति का गहन अध्ययन किया|

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