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NCERT Solutions for Class 9th – दिए जल उठे ~ Diye Jal Utthe NCERT Solutions

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CBSE Class 9 Sanchayan Hindi Chapter 6 Diye Jal Utthe NCERT Solutions PDF Download | CBSE Class 9 दिए जल उठे पाठ के प्रश्न उत्तर/NCERT Solutions :- स्वागत है आपका 99KH.net पर आज हम आपको CBSE Class 9 Sanchayan Hindi Chapter Diye Jal Utthe NCERT Solutions बताने वाले है। ये क्वेश्चन आपकी आने वाले पेपर्स में काफी मदद कर सकते है, इसलिए इन सभी क्वेश्चन को ध्यान से पढ़े। अगर आपको कोई समस्या आती है तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर पूछे।

Diye Jal Utthe ncert solutions

Diye Jal Utthe NCERT Solutions Class 9th ~ Question & Answer

1. किस कारण से प्रेरित होकर स्थानीय कलेक्टर ने पटेल को गिरफ्तार करने का आदेश दिया?

उत्तर: दांडी-कूच की तैयारी के सिलसिले में वल्लभभाई पटेल ७ मार्च को रास पहुँचे थे। उन्हें वहाँ भाषण नहीं देना था लेकिन पटेल ने लोगों के आग्रह पर ‘दो शब्द’ कहना स्वीकार कर लिया। उन्होंने लोगों से सत्याग्रह के लिए तैयार होने के लिए कहा। उन्होंने यह कहकर सभा की निषेधता तोडी थी। यही कारण था कि स्थानीय कलेक्टर ने पटेल को गिरफ़्तार करने का आदेश दिया।

2. जज को पटेल की सजा के लिए आठ लाइन के फैसले को लिखने में डेढ़ घंटा क्यों लगा?

उत्तर:

सरदार पटेल ने रास में भाषण की शुरुआत करके कोई अपराध नहीं किया था। पटेल को कलेक्टर ने ईष्र्या व रंजिश के कारण गिरफ्तार करवाया था। पटेल के पीछे देशवासियों का पूरा समर्थन था। किस धारा के अंतर्गत पटेल को कितनी सजा दें, यही सोच-विचार करने के कारण उसे डेढ़ घंटे का समय लगा।

3. “मैं चलता हूँ – अब आपकी बारी है”- यहां पटेल के कथन का आशय उद्धृत पाठ के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: सरदार पटेल को रास में अकारण गिरफ्तार कर बिना मुकदमा चलाए उन्हें 500 रुपए का जुर्माना और तीन महीने के कारावास की सजा सुना दी गई थी। जेल के रास्ते में आश्रमवासियों और गांधी से यह कहना, “मैं चलता हूँ। अब आपकी बारी है।” इस बात का संकेत था कि अंग्रेज़ सरकार मेरी गिरफ्तारी के बाद आपको भी अकारण गिरफ्तार कर सकती है।

4. ” आप लोग त्याग और हिम्मत सीखें”- गांधी जी ने यह किसके लिए और किस संदर्भ में कहा?

उत्तर: एक बार गांधीजी रास गए। वहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। रात समुदाय के लोग इसमें सबसे आगे थे। जो दरबार कहलाते है। यह रियासत दार होते है। गोपाल दास और रविशंकर महाराज जो दरबार थे, वहां मौजूद थे। गांधीजी ने इन्हीं के जीवन से प्रेरणा लेने को लोगों से कहा कि इनसे आप लोग त्याग और हिम्मत सीखें। धैर्य, त्याग और साहस के द्वारा ही अंग्रेजी शासन को बाहर खदेड़ा जा सकता है।

5. पाठ द्वारा यह कैसे सिद्ध होता है कि – “कैसे भी कठिन परिस्थिति हो उसका सामना तत्कालिक सूझबूझ और आपसी मेलजोल से किया जा सकता है।” अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर: भारत को स्वतंत्रता दिलाने में आन्दोलनकारियों एवं लोगों से बहुत संघर्ष किया है और इस पाठ में इन संघर्षों की बात की गयी है। इस पाठ में बताया गया है कि स्वतंत्रता के दौर में आन्दोलनकारियों के सामने बहुत बार भयंकर परिस्थितियाँ उत्पन्न हुईं लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और उनका डटकर दृढ़ता से सामना किया व उन पर विजय प्राप्त की। स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान ऐसी कई परिस्थितियाँ थी जो बहुत मुश्किल थी लेकिन भारतीयों ने उनका सामना तात्कालिक सुझबुझ और आपसी मेलजोल से किया और उन पर सफलता प्राप्त की। दिए गए पाठ में ऐसी कई घटनाओं की बात की गयी है। इसी प्रकार गाँधी जी ने दांडी यात्रा के दौरान पुल पार करने के लिए अपनी सूझ-बुझ और अदम्य साहस का परिचय दिया।

6. महीसागर नदी के दोनों किनारों पर कैसा दृश्य उपस्थित था? अपने शब्दों में वर्णन कीजिए

उत्तर: गांधी जी और सत्याग्रही सायं छह बजे चलकर आठ बजे कनकापुरा पहुँचे। वहीं आधी रात में महिसागर नदी पर करने निर्णय लिया गया। नदी तट पर हजारों लोग दिये लेकर खड़े थे। नदी के दोनों तटों पर मेले जैसा दृश्य हो रहा था। लोग गांधी, पटेल और नेहरू की जयकार कर रहे थे।

7. ” धर्म यात्रा है। चल कर पूरी करुँगा।” गांधी जी के इस कथन द्वारा उनके किस चारित्रिक गुणों का परिचय प्राप्त होता है?

उत्तर: गांधी जी और सत्याग्रही सायं छह बजे चलकर आठ बजे कनकापुरा पहुँचे। वहीं आधी रात में महिसागर नदी पर करने निर्णय लिया गया। नदी तट पर हजारों लोग दिये लेकर खड़े थे। नदी के दोनों तटों पर मेले जैसा दृश्य हो रहा था। लोग गांधी, पटेल और नेहरू की जयकार कर रहे थे।

8. गांधी को समझने वाले भविष्य अधिकारी स्मार्ट से सहमत नहीं थे कि दादी कोई काम अचानक और चुपके से करेंगे। फिर भी उन्होंने किस डर से और क्या एहतियाती कदम उठाए?

उत्तर: गांधीजी सत्यवादी, अहिंसा प्रिय, सदाचारी, देशभक्त, विद्वान दृढ़ निश्चयी व्यक्ति थे। उनके इन्हीं व्यक्तित्व विशेषताओं से वरिष्ठ अधिकारी भी परिचित है कि गांधीजी कोई भी काम चोरी चुपके नहीं करेंगे। ब्रिटिश शासकों में एक वर्ग ऐसा था जिसे लग रहा था गांधीजी और उनके सत्याग्रही मही नदी के किनारे अचानक पहुँचकर कानून तोड़ देंगे। इसलिए उन्होंने इतिहास के तौर पर नदी के तट पर बने हुए सारे भँडारों को नष्ट कर दिया।

9. गांधीजी के पार उतरने पर भी लोग नदी तट पर क्यों खड़े रहे?

उत्तर: जब गाँधी जी नदी पार करने के लिए रात बारह बजे निकले और घुटनों तक पानी में चलकर नाव तक पहुँचे। ‘महात्मा गाँधी की जय’, ‘सरदार पटेल की जय’ और ‘जवाहर लाल नेहरू की जय’ के नारों के बीच नाव रवाना हुई। कुछ ही देर में नारों की आवाज नदी के दूसरे तट से भी आने लगी। ऐसा लगा जैसे वह नदी का किनारा नहीं बल्कि पहाड़ की धारी हो, जहाँ प्रतिध्वनि सुनाई दे। अर्थात् महि सागर के दूसरे तट पर भी स्थिति कोई भिन्न नहीं थी। उसी तरह का कीचड़ और दलदली जमीन थी। अतः यह पूरी यात्रा का संभवतः सबसे कठिन हिस्सा था।

NCERT Solutions Class 9th ~ Other Chapters

No.Chapter Name
1.माटी वाली
2.रीढ़ की हड्डी
3.मेरे संग की औरतें
4.बच्चे काम पर जा रहे हैं 
5.प्रेमचंद के फटे जूते
6.कैदी और कोकिला
7.साँवले सपनों की याद

Important Questions Class 9th ~ Other Chapters

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1.दो बैलों की कथा
2.ल्हासा की ओर
3.साँवले सपनों की याद
4.नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया
5.प्रेमचंद के फटे जूते
6.मेरे बचपन के दिन
7.साखियाँ एवं सबद
8.वाख
9.सवैये
10.कैदी और कोकिला
11.मेरे संग की औरतें
12.रीढ़ की हड्डी

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