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[PDF] MP Board Class 12th Chemistry Important Questions PDF Download 2022

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MP Board Class 12th Chemistry Important Questions PDF Download 2022 :- इस लेख में आपको हम MP Board Class 12th Chemistry के महत्वपूर्ण क्वेश्चन बताने वाले है जोकि आपके आने वाले पेपर्स के लिए उपयोगी शाबित हो सकते है। इन क्वेश्चन में हमने MCQ, Fill in the Blanks और Short Questions को शामिल किया है। तो चलिए बिना देरी किये शुरू करते है।

MP Board Class 12th Chemistry Important Questions

MP Board Class 12th Chemistry Important Questions [MCQ]

1. वेग स्थिरांक ताप बढ़ाने पर –
(अ)बढ़ेगा                            (ब) घटेगा
(स) अपरिवर्तित होगा            (द) इनमें से कोई नहीं

2. अभिक्रिया A → B में अभिक्रिया की दर अभिकारकों का सान्द्रण चार गुना बढ़ाने पर दो गुना बढ़ जाती है, अभिक्रिया की कोटि है-
(अ)शून्य                      (ब) 1/2
(स) 2                         (द) 4

3. किसी कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग तथा वेग स्थिरांक की इकाई समान होती है-
(अ)शून्य                (ब) प्रथम
(स) द्वितीय             (द) तृतीय

4. शून्य कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक की इकाई (मात्रक) है-
(अ)मोल ली. समय-1          (ब) मोल-1 ली. समय-1
(स) मोल ली.-1 समय-1      (द) मोल सेकण्ड

5. प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक का मात्रक है-

(अ)मोल ली.-1 सेकण्ड-1         (ब) ली.मोल-1 सेकण्ड-1
(स) सेकण्ड-1                       (द) मोल ली.-1

6. प्रथम कोटि की अभिक्रिया में अर्द्ध-भाग के पूर्ण होने में लगा समय –
(अ) उसकी प्रारम्भिक सान्द्रता पर निर्भर करता है
(ब) उसकी प्रारम्भिक सान्द्रता के व्युत्क्रमानुपाती है
(स) उसकी प्रारम्भिक सान्द्रता पर निर्भर नहीं करता है
(द) उसकी प्रारम्भिक सान्द्रता के वर्गमूल पर निर्भर करता है

7. एक प्रथम कोटि की अभिक्रिया की अर्द्धआयु 400 सेकण्ड है इसका वेग स्थिरांक होगा-

(अ)1.73 × 10-3 सेकण्ड-1            (ब) 1.44 ×10-3 सेकण्ड-1
(स) 2.72 × 10-3 सेकण्ड-1           (द) 2.88× 10-3 सेकण्ड-1

8. एक प्रथम कोटि की अभिक्रिया का अर्द्ध समय 4 मिनट है तो 99.9 % अभिक्रिया पूर्ण होने में कितना समय लगेगा-
(अ) 16 मिनट                             (ब) 8 मिनट
(स) 32 मिनट                             (द) 40 मिनट

MP Board Class 12th Chemistry Important Questions [Fill in the Blanks]

1. विशिष्ट चालकता की इकाई ———- है

Ans :- ओम – 1 सेमी – 1

2. बेंजीन तथा टॉलूइन का मिश्रण एक ———— विलयन है

Ans :- आदर्श विलयन

3. साबुनीकरण क्रिया ———कोटि की अभिक्रिया का उदाहरण है

Ans :- दवतीय कोटि

4. फ़्लोरिन का परमाणु क्रमांक ———-है

Ans :- 9

5. अणुसंख्य्ता सदैव…………………………………….. होती है

Ans :- पूर्णांक

MP Board Class 12th Chemistry Important Questions [Short Questions]

प्रश्न 1. अभिक्रिया के वेग से आप क्या समझते हैं? समझाइए।

उत्तर – वह दर जिस पर समय के साथ-साथ अभिकारक पदार्थें का सान्द्रण परिवर्तित होता है, अभिक्रिया का वेग कहलाता है।
यदि सूक्ष्म अन्तराल में अभिकारक के मोल उत्पाद में परिवर्तित होते हैं तो अभिक्रिया का वेग = dx/dt

यदि अन्तराल dt में अभिकारक के dc मोल शेष रहते हो तो अभिक्रिया का वेग   =  –  d[c] / dt

प्रश्न 2. अभिक्रिया की कोटि का अर्थ उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

उत्तर – किसी रासायनिक अभिक्रिया में उपस्थित अभिकारक अणुओं की वह संख्या जिसका सान्द्रण रासायनिक परिवर्तन के परिणाम स्वरूप् होता है अभिक्रिया की कोटि कहलाती है। यह प्रायौगिक रूप से निरधारित अभिक्रिया दर समीकरण में सान्द्रण के पदों की संख्या के बराबर होती है।
उदाहरण – अभिक्रिया –

nA + mB → उत्पाद

के लिए वेग व्यंजक निम्न है-
दर   =  K[A][B]y
अतः इस अभिक्रिया की कोटि  = x + y

x तथा  y का मान n तथा m के समान भी हो सकता है और उससे भिन्न भी है।

प्रश्न 3. शून्य कोटि की अभिक्रिया को उदाहरण द्वारा समझाइए।

उत्तर – वह अभिक्रिया जिसकी प्रगति में अभिकारण के किसी अणु का सान्द्रण परिवर्तित नहीं होता है अर्थात् जिसका वेग ििभकारक के सान्द्रण पर तिर्भर नहीं करता है शून्य कोटि कहलाती है।
माना कोई अभिक्रिया निम्न प्रकार से है

A → B + C

यदि इसका वेग x [A]0 हो तो यह शून्य कोटि की अभिक्रिया होगी।

उदाहरण सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में Hव  Cl2 का संयोग

H2+ Cl2 →(सूर्य का प्रकाश) 2HCl

प्रश्न 4. प्रथम कोटि की अभिक्रिया के वेग स्थिरांक की इकाई ज्ञात कीजिए।

उत्तर – प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए

K = (2.303/t1/2) log10 (a/a-x)

मात्रकों के मान रखने पर, K  की इकाई = 1/समय = सेकण्ड-1

अतः K इकाई = सेकण्ड-1 या मिनट-1 या (समय के मात्रक)-1

प्रश्न 5. तापीय गुणांक क्या है? अभिक्रिया के वेग से इसका सम्बंध बताइए।

उत्तर – किसी अभिक्रिया के दो तापों के 10 अन्तराल पर वेग स्थिरांक का अनुपात तापीय गुणाँक कहलाता है। साधारणतया ये दो ताप 250C तथा 350C लिए जा सकते हैं।
अतः तापीय गुणांक  =  k350C /k250C

                             =    350C ताप पर वेग स्थिरांक/250C ताप पर वेग स्थिरांक

अतः तापीय गुणांक बढ़ने पर अभिक्रिया का वेग बढ़ता है।

प्रश्न 6. प्रथम कोटि की अभिक्रिया के चार प्रथम अभिलक्षण लिखिए।

उत्तर – (1.) प्रथम कोटि की अभिक्रिया में अभिकारक पदार्थ का आधा सान्द्रण परिवर्तित होने में लगने वाला समय, अभिकारक पदार्थ के प्रारम्भिक सान्द्रण पर निर्भर नहीं करता है।

(2.) इन अभिक्रियाओं का अर्द्ध-आयुकाल वेग स्थिरांक के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

(3.) प्रथम कोटि की अभिक्रिया क पूर्ण होने मे अनन्त समय लगता है

(4.) प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए समाकलित वेग समीकरण निम्न है

k = (2.303/t) log10 (a/a-x)

प्रश्न 7. किसी अभिक्रिया की आण्विकता से आप क्या समझते हैं? उपयुक्त उदाहरण देकर अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।

उत्तर – अभिक्रिया की आण्विकता – किसी रासायनिक अभिक्रिया मे भाग लेने वाले अभिकारक अणुओं की न्यूनतक संख्या को अभिकारक की आण्विकता कहते हैं। इस आधार पर यदि अभिक्रियाएँ में भाग लेने वाले अणुओं की संख्या 1,2,3 आदि हो तो अभिक्रिया एक अणुक, द्विअणुक, त्रिअणुक आदि कहलाती है।

प्रश्न 10. सिद्ध कीजिए कि प्रथम कोटि की किसी अभिक्रिया की अर्द्धआयुकाल अभिकारक की प्रारम्भिक सान्द्रता पर निर्भर नहीं करता है।

उत्तर – प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए

k  = (2.303/t) log10 (a/a-x)

अभिक्रिया में आधा सान्द्रण समाप्त होने के लिए परिवर्तित सान्द्रण (x) = 0.5a, t = t1/2

k  = (2.303/t1/2) log10(a/a-0.5a)

k  = (2.303/t1/2) log10(a/0.5a)

k  = (2.303/t1/2) log102

t1/2   =     (2.303/k) log102

        =    (2.303 x 0.3010) / k

t1/2  = 0.693/k

प्रश्न 8. विशिष्ट वेग स्थिरांक पर टिप्पणी लिखिए।

उत्तर – विशिष्ट वेग स्थिरांक – माना कि किसी रासायनिक अभिक्रिया के किसी अणु उसके अभिकारक का आण्विक सान्द्रण c हो तो उस समय अभिक्रिया का वेग (dx/dt)उसके अभिकारक के सान्द्रण के समानुपाती है। अर्थात्

dx/dt – xc  या  dx/dt = kc

जहाँ k एक स्थिरांक है जिसे वेग स्थिरांक कहते हैं।

यदि c = 1 मोल ली.-1 हो तो  dx/dt = k

अतः स्थिर ताप पर अभिकारक के इकाई सान्द्रण पर अभिक्रिया का वेग उस अभिक्रिया का विशिष्ट वेग स्थिरांक कहलाता है। यह अलग-अलग अभिक्रियाओं हेतु भिन्न – भिन्न होता है तथा इसका मात्रक भी अभिक्रिया की प्रकृति पर निर्भर करता है इसका मान ताप वृद्धि पर सदैव बढ़ता है।

प्रश्न 9. अभिक्रिया की आण्विकता तथा कोटि में क्या अंतर है? एक उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर –  (i) अभिक्रिया की आण्विकता सदैव एक पूर्ण संख्या देती है, जबकि अभिक्रिया की कोटि भिन्नात्मक भी हो सकती है।
(ii) अभिक्रिया की आण्विकता कभी भी शून्य नहीं हो सकती, जबकि अभिक्रिया की आण्विकता शून्य भी हो सकती है।
(iii) किसी अभिक्रिया की आण्विकता, कोटि समान या भिन्न-भिन्न हो सकती है।
(iv) आण्विकता अभिक्रिया के पद में उपस्थित भाग लेने वाले अणुओं की संख्या है परन्तु अभिक्रिया की कोटि अभिक्रिया के वेग और अभिकारकों की सान्द्रता में सम्बंध बताती है।
(v) अभिक्रिया के वेग निर्धारित पद में उपस्थित भाग लेने वाले अणुओं की संख्या है। जिनकी सान्द्रताएं अभिक्रिया के वेग को निर्धारित करती है।
(vi) अभिक्रिया की आण्विकता की व्याख्या उसकी क्रिया-विधि द्वारा करते हैं। जबकि अभिक्रिया की कोटि प्रयोगों द्वारा निकाली जाती है।

प्रश्न 10. अभिक्रिया की कोटि से आप क्या समझते हैं? शून्य कोटि की अभिक्रिया का वेग स्थिरांक का व्यंजक तथा एक उदाहरण लिखिए।

उत्तर – अभिक्रिया की कोटि – किसी रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले उन अणुओं की संख्या जिनका सान्द्रण रासायनिक अभिक्रिया की प्रगति में परिवर्तित होता है। अभिक्रिया की कोटि कहलाती है।

शून्य कोटि की अभिक्रिया – वह अभिक्रिया जिसकी प्रगति में अभिकारक के किसी भी अणु का सान्द्रण परिवर्तित नहीं होता है अर्थात् जिसका वेग अभिकारक के सान्द्रण पर निर्भर नहीं करता है, शून्य कोटि की अभिक्रिया कहलाती है।
उदाहरण –     H2+ Cl2 →(सूर्य का प्रकाश) 2HCl

प्रश्न 11. प्रकाश R→P अभिक्रिया के लिए अभिकारक की सान्द्रता 0.06 M से 20 मिनट में परिवर्तित होकर 0.02 M हो जाती है। औसत वेग की गणना कीजिए।

हल – अभिक्रिया का औसत वेग

=  Δc/Δt   =   अभिकारक की परिवर्तित सान्द्रता/लगा समय

= (0.06 – 0.02)/20

=  0.04/20

= 2× 10-3 मोल ली.-1 मिनट-1

प्रश्न 12. किसी प्रथम कोटि की अभिक्रिया में 40 सेकण्ड में पदार्थ की सान्द्रता, प्रारम्भिक सान्द्रता की आधी रह जाती है। अभिक्रिया के वेग स्थिरांक की गणना कीजिए।

हल – प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए,

k  = (2.303/t) log10 (a/a-x)

जहाँ a  =  पदार्थ की प्रारम्भिक सान्द्रता
(a-x)   =  t समय बाद शेष सान्द्रता
(a-x)   =  a/2,  t = 40 सेकण्ड

k  =  (2.303/40) log10(a/(a/2))

=  (2.303/40) log102

=  (2.303×0.3010)/40

=  1.73 × 10-2 सेकण्ड-1

प्रश्न 13. एक प्रथम कोटि की अभिक्रिया का अर्द्धआयुकाल 60 मिनट है। कितने समय में अभिक्रिया 90% पूर्ण हो जाती है?

हल – प्रथम कोटि की अभिक्रिया का वेग स्थिरांक

k = 0.693 /t1/2   =    0.693/60 मिनट-1

माना कि प्रथम कोटि की अभिक्रिया t1 मिनट में 90% पूर्ण हो जायगी तो अभिकारक की प्रारम्भिक मात्रा (a) = 100 तथा

शेष मात्रा  (a-x) = ( 100 – 90)= 10 

प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए
k  = (2.303/t) log10 (a/a-x)

∴ 0.693/60 = (2.303/t1) log10 (100/10)

0.693/60  =  (2.303/t1) × 1

t1  =  (2.303 × 60)/0.693 मिनट

= 199.39 मिनट

हम आशा करते है की ऊपर बताये गए क्वेश्चन से थोड़ी मदद मिलेगी। आप इस लेख को अपने दोस्तों के साथ भी शेयर कर सकते है ताकि उन्हें भी इन इम्पोर्टेन्ट क्वेश्चन का पता चल सके।

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