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मशरूम की खेती का व्यापार 2021 कैसे शुरू करें | How to start Mushroom farming Business 2021 in hindi

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मशरूम की खेती का व्यापार कैसे शुरू करें 2021 | How to start mushroom farming Business or cultivation techniques  in Hindi :- तो दोस्तों आज में आपको बताने वाला हूँ की मशरूम की खेती का व्यापार कैसे शुरू करें, इसकी ट्रेनिंग कैसे करे और इससे जुडी सभी जानकारी में आपके साथ इस आर्टिकल के माध्यम से बताने वाला हूँ तो अगर आप भी मशरुम खेती करने के बारे में सोच रहे है तो आपके लिए यह आर्टिकल बेहद फायदेमंद हो सकता है तो कृपया इस आर्टिकल को विस्तार से और अंत तक पढ़े।

अगर आप किसान है और अधिक कमाई करना चाहते है तो आप भी मशरुम की खेती कर सकते है और अतिरिक्त धन कमा सकते है। मशरुम एक ऐसा चीज़ है जिसकी डिमांड मार्किट में बहुत रहती है इसमें बहुत अधिक मात्रा में प्रोटीन, फाइबर और एक सेलेनियम नामक सबसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होता है इसीलिए मशरूम बहुत ज्यादा खाई जाती है। इतना ही नहीं हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर जैसे ठंड़े राज्यों में भी मशरूम की खेती की जाने लगी है। पूरे विश्व में एशिया एवं अफ्रीका के क्षेत्रों में इसकी मांग काफी अधिक देखने को मिलती है।

तो चलिए बिना देरी किये जानते है और आपको बताते है की कैसे मशरुम की खेती होती है, इसकी ट्रैनिग कहा से ली जाती है, मशरुम के प्रकार, कहा से इसका बीज खरीदे, इसके बीज की कीमत और इसे जुडी सारी जानकारी हम आपको बताने वाले है।

Mushroom farming Business

मशरूम क्या है (Mushroom Definition)

तो चलिए आपको बतादे की मशरूम क्या है – मशरुम एक तरह का पौधा है लेकिन इसे मांस की तरह देखा जाता है। इसको शाकाहारी पौधा तो नहीं कह सकते हैं। मशरुम में अधिक मात्रा में प्रोटीन एवं पोषक तत्व मौजूद होते हैं जैसे की विटामिन डी। यह फफूंद से बनता है और इसके आकार के बारे में कहा जाय तो लगभग एक छत्ते के आकार का होता है। यह कवक लोगों के बीच एक स्वास्थ्यवर्धक आहार के तौर पर काफी प्रसिद्ध है इसीलिए इसे होटलो से लेकर घरो तक इसका इस्तेमाल काफी किया जाता है।

मशरूम के प्रकार (Types of mushroom in India)

मशरुम काफी ज्यादा प्रकार के होते है लेकिन अगर हम आपको बताये तो वैज्ञानिको के अनुसार इसकी लगभग 10000 किस्में हमारी पृथ्वी पर मौजूद है लेकिन अगर बिज़नेस या व्यापर की नज़रो से देखे तो इसकी सिर्फ 5 किस्मे ही मौजूद है, जिनके नाम कुछ इस प्रकार है :- बटन मशरूम, पैडी स्ट्रॉ, स्पेशली मशरूम, दवाओं वाली मशरूम, धिंगरी या ओएस्टर मशरूम। आपको बतादे की इनमें बटन मशरूम सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली किस्म है। कभी-कभी इसको मिल्की मशरूम भी कहा जाता है।

मशरूम के बीज कहां से खरीदें (Where to buy Mushroom seeds Online & Offline in India)

अगर आप जानना चाहते है तो आपको बतादू की आप मशरुम का बीज आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगहों से खरीद सकते है। अगर आप ऑनलाइन खरीदना चाहते है तो आप सीधे IndiaMart वेबसाइट पर जाकर खरीद सकते है और अगर आप इन बीजो को ऑफलाइन खरीदना चाहते है तो आप सीधे सरकार कृषि केंद्रों की मदद से भी प्राप्त कर सकते हैं।

मशरूम बीज की कीमत  (Mushroom seeds Price)

मशरुम का बिज़नेस करने से पहले मशरुम के बीजो की कीमत पता होना बहुत जरूरी है तो आपको बतादू की मशरूम बीज की कीमत लगभग 75 से 100 रुपए प्रति किलोग्राम होती है सभी ब्रांड और किस्मो के हिसाब से अलग अलग रेट है। तो खरीदने से पहले तय करले की आपको कोनसी ब्रांड और किस्म के बीज उगने है।

मशरूम कहां बेच सकते है (How to sell mushroom in India)

मशरुम का निर्यात एवं आयात भी कई देशों में किया जाता है, अर्थात इसको बेचने के लिए बहुत से क्षेत्र मौजूद है जैसे की आप इन्हे होटल, दवाएं बनाने वाली कंपनियां, ऑनलाइन बिज़नेस और सब्जी मंडियों में बेच सकते है। इसके अलावा मशरूम का उपयोग अधिकतर चाइनीज खाने में किया जाता है। इसके अन्य लाभकारी गुणों के कारण इसको मेडिकल के क्षेत्र में भी उपयोग किया जा रहा है।

मशरूम फार्मिंग का बिजनेस कैसे करे? (Mushroom farming process in hindi)

मशरूम की खेती करने के सबसे पहले इसके बारे में सभी जानकारी ले और इस बिज़नेस के बारे में ट्रेनिंग लेनी चाहिए जैसे कि मशरूम की खेती के लिए किस विधि का उपयोग करते हैं मशरूम के उत्पादन के बाद उनका बिजनेस कैसे करना है इसके लिए आपकी मार्केटिंग की योजनाएं क्या होगी उसके बाद बिज़नेस को स्टेप बाय स्टेप शुरु करें |

  • प्रशिक्षण (Get Training of Mushroom Farming) :- यदि आप Mushroom Farming शुरू करना चाहता है तो उसके बारे सबसे पहले जानकारी लेनी चाहिए और जानकारी लेने के लेने के लिए ट्रेनिंग जरुरी है। भारत में बहुत सी जगह मशरुम फार्मिंग सीखने के लिए सेंटर खोले गए है जहां आप ट्रेनिंग कर सकते है।
  • फार्म बनाये :- ट्रेनिंग करने के बाद जमीन तैयार करें यदि आपके पास खाली कमरे उपलब्ध हैं तो ऐसे कमरों को मशरुम की खेती करने के इस्तेमाल में लाया जा सकता है लेकिन अगर आप बड़े पैमाने पर इसका बिज़नेस करना चाहते है तो आपको इसके लिए एक फार्म खोलना होगा |
  • कॉम्पोस्ट खाद :- मशरूम की खेती में कॉम्पोस्ट खाद सबसे जरुरी चीज होती है कॉम्पोस्ट खाद आप धन या गेहूं के भूसे के माध्यम से बना सकते है इसके लिए आपको करीब 1450 लीटर पानी लेना होता है उसमे आपको 1.5 किलोग्राम फार्मलीन एवं 150 ग्राम बेवस्टीन मिलाकर इसमे 1 क्विंटल और 50 किलोग्राम भूसा को भिगो देते हैं उसके बाद इसे कुछ समय के लिए ढक्कर रखना पड़ता है। जिससे ये खाद या भूसा आपके लिए मशरूम उगाने का माध्यम बनकर तैयार हो जायेगा। यह प्रक्रिया इइसलिए की जाती है ताकि भूसा शुद्ध हो जाये भूसा का शुद्धिकरण बहुत जरूरी रहता है यदि भूसा शुद्ध नही होगा तो मशरूम का उत्पादन सही से नही हो पायेगा |
  • मशरूम की बुवाई :- भूसे को हवा में बाहर कहीं अच्छे से फैला लें, ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि हवा के सम्पर्क में लाकर इसकी नमी को 50 प्रतिशत तक काम किया जा सके। नमी निकल जाने के बाद भूसे को 16 बाई 18 साइज़ के पॉलीथिन के बैग्स में भरे इन पोलीथिन के बैग में सबसे पहले भूसा डाल दीजिए। ध्यान रहे इस बैग के नीचे दोनों कोने पर छेद कर लें, जिससे बचा हुआ पानी निकल जाये। पॉलीथिन के बैग्स में भरे इन पोलीथिन के बैग में सबसे पहले भूसा डाल दीजिए, उसके बाद मशरूम के दानों का छिड़काव करिए इसके बाद इन दानों के ऊपर एक बार फिर भूसा की परत चढ़ा दीजिये फिर इस परत के ऊपर एक बार मशरूम के दाने का छिड़काव करिए ऐसे मसरूम की बुवाई करें, इसी तरह से 3-4 परतें बना लेते हैं| इस पन्नी के बैग को कसकर बांध लें। जिससे इसमें कहीं भी हवा की गुंजाइस ना रहे।
  • हवा एवं पंखे की सहायता से रख रखाव :- लगभग 15 दिन तक इस फसल को हवा लगने से बचाना पड़ता है।15 दिन तक कमरे को बंद रहने दे 15 दिन बीत जाने के बाद इसे हवा दिया जा सकता है इसलिए अब दरवाजे को खोल दें, साथ ही कमरे में एक पंखे की व्यवस्था कर दें, ताकि इन मशरूम को हवा मिल सके 15 दिनों बाद मशरूम के सफेद रंग को देखा जा सकता है |
  • मशरूम की कटाई करें :- मशरूम की फसल 30 से 40 दिन की होती है उसके बाद उसकी कटाई की जाती है कटाई करके उसकी पैकिंग बॉक्स के अन्दर पैक करके मार्किट में बेच सकते है |

मशरूम के थैले रखने के तरीके

मशरूम की खेती करने के लिए आपको मशरूम वाले थैले को तरीकों से रखना होता है। इसे या तो आप किसी लकड़ी और रस्सी की सहायता से बांध कर लटका दें या फिर एक तरह से लकड़ियों या किसी धातु से पलंगनुमा जंजाल तैयार कर लें जिस पर मशरूम के पैकेट्स आसानी से रख सकें।

मशरूम की कब और कैसे करें कटाई (When and how to harvest mushrooms)

अगर बबात करे की मशरूम कटने योग्य कितने समय में होते है तो आपको बतादे की मशरुम की फसल अधिकतम 30 से 40 दिनों के भीतर काटने के लिए तैयार हो जाती है और मशरुम को आप हाथो से तोड़ सकते है।

मशरूम के व्यापार में खर्च होने वाली राशि (Investment or cost required for mushroom farming)

इस पर लगाई जाने वाली राशि आपकी क्षमता एवं व्यापार के स्तर के अनुसार बदलती रहती है। इस व्यापार में बस आपको इसकी देखभाल एवं उगाने के स्थान को बनाने में ही पैसे लगाने पड़ेगें। अगर आप छोटा व्यापार शुरू करते है, तो 10000 रुपए से 50000 रुपए तक लगा सकते हैं। वहीं बड़े व्यापार के लिए आप 1 लाख रुपय से 10 लाख रुपए का निवेश करना उचित रहेगा।

मशरूम के व्यापार में मिलने वाला लाभ (mushroom farming profit margin)

अगर आप 100 वर्गमीटर में व्यापार आरम्भ करते है, तो आपको लगभग 1 लाख रुपए से लेकर 5 लाख तक का लाभ मिल सकता है, वो भी हर साल। हालांकि ये आपकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने वाली तकनीकी पर निर्भर करेगा।

मशरूम खेती के लिए सरकार द्वारा मदद (Government help for mushroom cultivation)

आपको बतादे की इस समय हरियाणा में सरकार द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है और मशरुम की खेती के लिए सरकार ने कई तरह की योजनाए भी बनाई हुई है जिनके बारे में आप अधिक जानकरी के लिए https://www.nabard.org वेबसाइट पर जा सकते है। सब्सिडी लेने के लिए आपको एक व्यावसायिक प्रस्ताव बनाकर सरकारी कार्यालय में जाना होगा और अपने साथ आपको अपना पैन कार्ड आधार कार्ड, निवासी प्रमाण पत्र और बैंक खाता की जानकारी भी लेनी होगी और ऐसे करने के बाद आपको सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाएगी।

आपको बतादे की अगर आप छोटे किसान हैं तो हर एक मशरूम फल के थैले पर 40 प्रतिशत तक एवं सामान्य व्यक्ति के लिए हर थैले पर 20 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। इस व्यापार में अगर आपको सब्सिडी नहीं चाहिए तो आपको इसका रजिस्ट्रेशन या पंजीकरण करवाने की जरुरत नहीं है।

सरकार द्वारा मशरूम की खेती करने के लिए प्रशिक्षण (Mushroom cultivation government training)

तो दोस्तों जैसे की आप सभी जानते है की कोई भी बिज़नेस करने के लिए सबसे पहले उस बिज़नेस के बारे में जानकारी होना आवश्यक है और इसलिए छोटे किसानो को सब्सिडी देकर और सरकार द्वारा मुफ्त प्रशिक्षण की सुविधा भी दी जा रही है, इसके लिए सरकार ने कई केंद्र खोले है जहा आप मशरुम उगाने की सभी तकनीकों के बारे में सिखाया जायेगा जैसे की मशरूम कब उगाये जाते है, कैसे उगाये जाते है और कहा उगाये जाते है आदि ।

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